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कच्ची दीवार-टीनशेड ढहने से परिवार के तीन लोगों की मौत, पिता और दो बेटियां घायल

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– मरने वाले मां, बेटा और बेटी, पिता और दो बेटियां घायल, 80 साल पुराने मकान में रह रहे थे।

मैनपुरी। मकान की कच्ची दीवार और टीनशेड ढहने से इसके नीचे सो रहे एक ही परिवार के 6 सदस्य मलबे में दब गए। मां और दो मासूम बेटा-बेटी की मौत हो गई। वहीं मलबे में दबने से पिता और दो अन्य बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गए। मकान में पीछे की तरफ निर्माण कार्य चल रहा था। आगे की तरफ कच्ची दीवार और दीनशेड के नीचे रात में परिवार सो रहा था। तभी मिट्‌टी की दीवार ढह गई। पूरा परिवार ही मलबे में दब गया। पुलिस के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने अपने हाथों से मलबे को हटाकर नीचे फंसे परिवार को बाहर निकाल लिया। बताया जा रहा है कि मकान करीब 80 साल पुराना था और बेहद जर्जर हो चुका था। घटना जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर कुरावली थाना क्षेत्र की है।

 

 

 

कुरावली थाना क्षेत्र के आठपुरा गांव निवासी बृजेश सिंह जाटव ने बताया कि वे अपनी पत्नी, बेटा और तीन बेटियों के साथ 80 साल पुराने कच्चे मकान में रहते हैं। वे पिछले कुछ महीने से मकान को पक्का करवा रहे थे। मकान के पिछले हिस्से में पक्की दीवार ढाली गई थी, जबकि अगले कच्चे हिस्से में टीनशेड के नीचे पूरा परिवार रहता था।

घायल बृजेश कुमार ने बताया कि घर में कच्ची दीवार बनी हुई थी। उसी के सहारे पीछे की तरफ नींव खोदी थी, तीन-चार दिन से काम चल रहा था। वहीं आगे कच्ची दीवाल पर तीन पड़ी हुई थी। मंगलवार रात सभी बच्चे और उनकी पत्नी टीम के नीचे सो रहे थे। मैं भी खाना खाने के बाद सोने जा रहा था, तभी अचानक से रात करीब 12 से 12:30 बजे के बीच खंभा टूटने की आवाज आई।

हम टीन की तरफ भागे लेकिन तब तक कच्ची दीवार और टीनशेड भरभरारकर गिर पड़े। हमारे हाथ टीन के बाहर थे। बाकी हम सब मलबे में दबे हुए थे। हम चिल्लाते रहे की भाई हमें निकाल लो, बचा लो, तब जाकर मोहल्ले वाले आए। तब लोगों ने हमको निकाला। जिला अस्पताल पहुंचाया।

बृजेश ने बताया कि उन्हें मिलाकर उनके परिवार के छह लोग दब गए थे। उनकी पत्नी रूबी (40) बेटा दिलीप (8) और बेटी बेबी (13) की मौत हो गई। वे और दो बेटियां पल्लवी और गुड़िया को गंभीर घायल हो गए। बृजेश का पैर टूट गया है, जबकि दोनों बेटियों को सिर और सीने पर चोटें आई हैं।

ग्रामीणों ने डेढ़ घंटे तक चलाया रेस्क्यू अभियान

ग्राम प्रधान सुधीर कुमार ने बताया कि रात में चीख पुकार सुनकर सभी ग्रामीण बृजेश के घर पहुंचे थे। देखा तो पूरा परिवार मिट्‌टी के मलबे में फंसा मदद के लिए चिल्ला रहा था। हमने करीब एक से डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी को मलबे से बाहर निकाला। पहले सभी को सीएचसी कुरावली ले गए, जहां तीन को मृत घोषित कर दिया गया। बाकी तीन को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। ग्राम प्रधान ने कहा- पिछले तीन दिनों से अगले हिस्से में बनी पक्की दीवार को पानी देने का काम चल रहा था। आशंका है कि सीलन आने से आगे की मिट्‌टी की कमजोर हो गई थी, जिसके कारण धंस गई।

 

 

पुलिस-प्रशासन ने किया निरीक्षण, मदद का आश्वासन

सूचना मिलने पर थाना प्रभारी कुरावली ललित भाटी, सीओ सच्चिदानंद सिंह और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर घायलों के बेहतर इलाज और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

तीन बेटियां शादीशुदा, सूचना मिलते ही गांव रवाना

बृजेश ने बताया कि परिवार में तीन और बेटियां वंदना, अंजू और मनीषा हैं। वंदना और अंजू की 4 साल पहले एक साथ शादी कर दी गई थी। तीसरी बेटी मनीषा की एक साल पहले शादी हुई है। सूचना मिलते ही तीनों गांव के लिए रवाना हो गईं। बृजेश ने बताया कि वे गांव से करीब 7 किलोमीटर दूर सिरसा मोड़ पर पंचर की दुकान चलाते हैं। इसके अलावा परिवार के पास करीब 6 बीघा जमीन है, जिस पर खेती-बाड़ी होती है। इसी से परिवार का भरण-पोषण होता है।

 

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