नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर शिवालिक एलपीजी करियर कुछ ही घंटों में गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचने वाला है। यह जहाज युद्ध प्रभावित से सुरक्षित निकलकर भारत की ओर रवाना हुआ था और इसमें 45 हजार मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी लदी हुई है. माना जा रहा कि इससे देश में चल रही एलपीजी आपूर्ति की किल्लत को कम करने में मदद मिलेगी.स्ट्रेट आॅफ होर्मुज में कई जहाज फंसे हुए थे।

भारत सरकार के लगातार कूटनीतिक प्रयासों के बाद दो भारतीय एलपीजी जहाजों को वहां से निकलने की अनुमति मिली। नमें से पहला जहाज शिवालिक अब मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचने वाला है। वहीं दूसरा जहाज नंदा देवी कल यानि 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पर पहुंचेगा। इसी बीच एक अन्य भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर जग लाडकी भी संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह से लगभग 80,800 टन कच्चा तेल लेकर सुरक्षित भारत के लिए रवाना हुआ है। सरकार ने बताया कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है और समुद्री व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां समन्वय कर रही हैं।
पूर्वी हिस्से में फंसे जहाजों में से एक भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर जग प्रकाश शुक्रवार को युद्ध प्रभावित होर्मुज स्ट्रेट को पार कर गया था। यह जहाज ओमान के सोहर बंदरगाह से पेट्रोल लेकर अफ्रीका के तंजानिया स्थित टांगा बंदरगाह की ओर जा रहा है और 21 मार्च को वहां पहुंचने की उम्मीद है।
सरकार ने कहा कि क्षेत्र में संचालित भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं और समुद्री गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। वर्तमान में फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज और 611 मौजूद हैं।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई से पहले भारत के आधे से अधिक कच्चे तेल, लगभग 30 प्रतिशत गैस और 85 से 90 प्रतिशत एलपीजी आयात पश्चिम एशियाई देशों जैसे सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से आते थे।


