– बुकिंग से लेकर सप्लाई तक 3 दिन में सरकार का 10 बड़े कदमों का ऐलान।
LPG Gas Cylinder Shortage: मिडिल ईस्ट संकट का असर भारत में गैस और तेल की सप्लाई पर देखा जा रहा है। हालांकि, किल्लत उतनी है नहीं जितना कि क्रिएट की जा रही है, ये कहना है सरकार का। सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं, 10 पॉइंट्स में जानें सबकुछ।

अमेरिका- इजरायल और ईरान युद्ध की वजह से भारत में रसोई गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर जो टेंशन थी, उसे दूर करने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने खाड़ी देशों के होर्मुज रूट से सप्लाई रुकने के बाद अमेरिका, कनाडा, अल्जीरिया जैसे नए रास्तों से तेल-गैस की बड़ी खेप मंगाई है। ईरान को भरोसे में लेते हुए होर्मुज से भी कुछ भारतीय जहाज तेल-गैस लेकर सफलतापूर्वक गुजरे हैं। वहीं, सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों के लिए 20 प्रतिशत कोटे का ऐलान कर दिया है। जमाखोरों और कालाबाजारी के खिलाफ यूपी, दिल्ली से महाराष्ट्र तक लगातार छापेमारी हो रही है। सरकार ने हाईलेवल कमेटी भी बनाई है, जो सप्लाई पर नजर रख रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सरकार के कदमों की जानकारी।
जानें पूरी डिटेल-
LPG सिलेंडर की जमाखोरी रोकने के लिए बुकिंग का अंतर 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। ‘पैनिक बुकिंग’ को रोकने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। अस्पतालों‑स्कूलों समेत आम घरों की जरूरत को प्राथमिकता दी गई है।
देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीज़ल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। पांच मार्च से अब तक घरेलू एलपीजी उत्पादन में 30 प्रतिशत की वृद्धि की जा चुकी है।
हमारे 25,000 LPG वितरकों में से किसी के भी यहां स्टॉक खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। सुजाता शर्मा ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर खरीदारी करने से बचें।
घरों के लिए एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है और गैस सिलेंडर के लिए घबराहट में बुकिंग करने की कोई जरूरत नहीं है। पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) नेटवर्क के करीब रहने वाले लगभग 60 लाख परिवारों से इस सुविधा को अपनाने का अनुरोध किया है।
सरकार ने होटल-रेस्तरां इंडस्ट्री को बड़ी राहत देते हुए कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई में 20% कोटा मिलेगा। कई रेस्तरां बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं, क्योंकि खाना बनाने के लिए उनके पास गैस ही नहीं है। कई होटल-ढाबे वालों ने अपने मेन्यू बदल दिये हैं।
एलपीजी वितरकों के पास पर्याप्त भंडार है और आपूर्ति श्रृंखला सामान्य रूप से काम कर रही है। उपभोक्ताओं से आग्रह किया गया कि वे घबराहट में बुकिंग न करें या डीलरशिप पर कतार न लगाएं। उन्हें जरूरत होने पर ही गैस सिलेंडर का ऑर्डर देना चाहिए।
रेस्तरां और होटलों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलो के ‘नीले सिलेंडर’ की किल्लत दूर करने के लिए OMCs की विशेष समिति बनाई गई है। अतिरिक्त उत्पादित LPG केवल IOCL, BPCL और HPCL को देने का आदेश दिए गए हैं, ताकि सप्लाई चेन में कंसिस्टेंसी बनी रहे और कोई स्टॉक संकट न हो।
देश में औसत रिफिल बुकिंग प्रतिदिन 55.7 लाख सिलेंडर हैं। लेकिन पिछले दो हफ्तों से इसमें अचानक उछाल आया है। ऐसे में 12 मार्च को 75.7 लाख बुकिंग की गईं। यह और कुछ नहीं बल्कि घबराहट में की गई बुकिंग है।
जहां तक कच्चे तेल की बात है, हमारे पास 258 मिलियन मीट्रिक टन की रिफाइनिंग क्षमता है। हम पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर हैं इसलिए, भारत में इन ईंधनों को आयात करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हमारी सभी रिफाइनरियां इस समय 100% क्षमता या उससे भी अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव के बीच ईरान ने भारतीय ध्वज वाले दो लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस के टैंकरों से भरे जहाज को दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते, होर्मुज जलडमरूमध्य, से सुरक्षित गुजरने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है।


