Homeउत्तर प्रदेशMeerutजलते हुए कूड़े से घुट रहा शहरवासियों का दम

जलते हुए कूड़े से घुट रहा शहरवासियों का दम

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-एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन, अस्पतालों में दिख रही सांस के मरीजों की भीड़।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। शहर के अधिकांश इलाकों और औद्योगिक क्षेत्रों के पास कूड़े के ढेरों में आग लगाने से गंभीर वायु प्रदूषण और जहरीली हवा का संकट पैदा हो गया है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं। कूड़ा जलने से जहरीला धुआं निकल रहा है, जो क्षेत्र में सांस लेने में दिक्कत पैदा कर रहा है।

 

 

मेरठ में वायु प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों के बावजूद कूड़ा जलाने की घटनाएं जारी हैं। वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर बातें तो बड़ी-बड़ी हो रही हैं, लेकिन कूड़ा जलने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हर दिन शहर में कूड़ा जलाया जा रहा है। हैरानी की बात ये है कि, फील्ड पर रहने वाले निगम के सफाई निरीक्षक, सफाई नायकों को जलता हुआ कूड़ा नजर नहीं आ रहा है। जबकि, रात में कूड़े में आग लगाई जाती है, लेकिन सुबह जले हुए कूड़े की राख भी नहीं दिखाई दे रही है।

ऐसा ही एक मामला सामने आया है, कहचरी नाले के पर कूड़ा जलता हुआ दिखाई दिया। जो सीधे तौर पर एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए दिखाई दिया। स्थानीय निवासी ने इस तरह से जलते कूड़े से निजात दिलाने की मांग की है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में समस्या की बात करें तो मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र में जगह-जगह कूड़ा सुलग रहा है, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है और स्थानीय निवासियों व कामगारों की मुसीबत बढ़ा रहा है।

बीते दिनों की बात करें तो शिकायतों के बाद, नगर निगम के अधिकारी और मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने मौकों पर जाकर निरीक्षण किया है और कूड़े के ढेर को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। अगर बात करें लोहिया नगर डंपिंग ग्राउंड की तो यहां प्रशासन ने 2026 के अंत तक कूड़े के
पहाड़ों को खत्म करने का दावा किया है, और एनटीपीसी के साथ मिलकर कूड़े से ग्रीन चारकोल बनाने की योजना पर काम चल रहा है। हालांकि, शहर के अधिकांश इलाकों में कूड़ा जलाने की समस्या के कारण निवासियों में भारी रोष है, और यह स्वास्थ्य व पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।

 

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