– मुरादाबाद में महिला जज के पिता की हत्या करके फरार है हिस्ट्रीशीटर और उसके दो बेटे।
मुरादाबाद। महिला जज के पिता की गोली मारकर हत्या करने के बाद फरार हुए हिस्ट्रीशीटर और उसके दो बेटों पर डीआईजी ने 50-50 हजार रुपए का पुरस्कार घोषित किया है। एसएसपी ने बीते दिन तीनों की गिरफ्तार पर 25-25 हजार रुपए पुरस्कार घोषित किया था। जिसे बढ़ाकर डीआईजी ने डबल कर दिया है। एसएसपी सतपाल अंतिल के निर्देश पर पुलिस की टीमें लगातार फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही हैं। आरोपियों के जम्मू में छिपे होने की आशंका है। फरार हिस्ट्रीशीटर की जम्मू में ससुराल है।

इस वारदात में पुलिस हत्यारोपी हिस्ट्रीशीटर के दामाद और दोस्त को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। वारदात में हिस्ट्रीशीटर जफर और उसके दो बेटे भी वांटेड हैं। बता दें कि बुलंदशहर में एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) आसमां सुल्ताना के पिता और शहर की मशहूर अलवीना बेकरी के संचालक मोहम्मद असद (65 साल) की 27 फरवरी को शाम करीब 7:30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात को उनके साले और नागफनी थाने के हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद जफर ने बंगला गांव चौराहे पर अंजाम दिया था।
बेकरी संचालक असद और उनके साले जफर के बीच पारिवारिक प्रॉपर्टी को लेकर विवाद था। घटना के समय मोहम्म्द असद अपने दूसरे साले मजाहिर उर्फ डेनियल के साथ स्कूटी से तरावीह की नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद जा रहे थे। असद स्कूटी चला रहे थे जबकि उनका साला मजाहिर स्कूटी पर पीछे बैठा था। बंगला चौराहे पर बाइक से आए जफर ने असद की कनपटी से सटाकर गोली मारी थी। असद की मौके पर ही मौत हो गई थी।
इस मामले में घटना के चश्मदीद रहे बेकरी संचालक के छोटे साले मजाहिर ने अपने बड़े भाई डहरिया निवासी हिस्ट्रीशीटर जफर, जफर हुसैन पुत्र मुजफ्फर हुसैन निवासी डहरिया, जफर के बेटे सैफुल और हुसैन, दामाद मोहम्मद फैजान पुत्र मोहम्मद इस्लाम निवासी मोहल्ला कानून गोयान थाना मुगलपुरा और जफर के दोस्त आलमगीर पुत्र बली मोहम्मद निवासी मकबरा प्रथम को नामजद किया था। पुलिस ने इस मामले में फरार हिस्ट्रीशीटर जफर हुसैन के दोस्त आलमगीर और दामाद मोहम्मद फैजान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस का कहना है कि यह दोनों वारदात की साजिश में शामिल थे।
पुलिस की टीमें मामले में फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर जफर और उसके दोनों बेटों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छामपारी कर रही हैं। इस बीच तीनों आरोपियों पर डीआईजी रेंज की ओीर से 50-50 हजार रुपए पुरस्कार घोषित किया गया है।

