– रमजान को लेकर जताई चिंता।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने के मामले को लेकर मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज कराया। आॅल इंडिया मिल्ली काउंसिल मेरठ के पदाधिकारियों के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मेरठ एसएसपी को ज्ञापन सौंपते हुए इस मामले में हस्तक्षेप करने और उचित कार्रवाई करने की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि इन दिनों पवित्र रमजान का महीना चल रहा है, जो मुस्लिम समुदाय के लिए इबादत और आध्यात्मिक साधना का बेहद महत्वपूर्ण समय होता है। रमजान के दौरान मस्जिदों से अजान, सहरी और इफ्तार के समय की संक्षिप्त जानकारी देने के लिए सीमित समय के लिए लाउडस्पीकर का उपयोग किया जाता है, जिससे रोजेदारों को समय की जानकारी मिल सके।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि हाल ही में शहर के कुछ इलाकों में स्थानीय प्रशासन द्वारा मस्जिदों के लाउडस्पीकर बंद कराने या उनकी आवाज कम कराने की कार्रवाई की जा रही है। इससे मुस्लिम समुदाय में चिंता और असुविधा की भावना पैदा हो रही है, जबकि शहर के अधिकांश स्थानों पर अब तक व्यवस्था शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है।
आॅल इंडिया मिल्ली काउंसिल मेरठ के अध्यक्ष कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने ज्ञापन में कहा कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर का प्रयोग केवल अजान तथा रमजान के दौरान सहरी और इफ्तार की सूचना देने के लिए किया जाता है, जो सामान्यत: एक से दो मिनट से अधिक नहीं होता। यह धार्मिक परंपरा का हिस्सा है और वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से निभाई जाती रही है।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि रमजान के पवित्र महीने में अजान, सहरी और इफ्तार की संक्षिप्त घोषणाओं के लिए लाउडस्पीकर के सीमित उपयोग की अनुमति दी जाए, ताकि धार्मिक परंपराओं का पालन सुचारू रूप से हो सके और शहर का सौहार्दपूर्ण वातावरण भी बना रहे।
वहीं एसएसपी कार्यालय की ओर से प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और नियमों के अनुसार उचित निर्णय लिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करते हुए कानून के दायरे में रहकर समाधान निकालने का प्रयास करेगा।

