– चलती ट्रेन में चाकू मारे, नाक काटने की कोशिश।
प्रयागराज। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बटुकों से यौन उत्पीड़न की एफआईआर कराने वाले आशुतोष महाराज पर चलती ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ। आशुतोष महाराज ने बताया- मैं रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहा था। फर्स्ट एसी कोच में बैठा था। रास्ते में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास सुबह करीब 5 बजे टॉयलेट के लिए उठा। बाहर गेट पर एक आदमी खड़ा था। आगे बढ़ा तो उसने पीछे से हमला कर दिया। धारदार हथियार से उसने मेरी नाक काटने की कोशिश की। चेहरे और हाथ पर कई वार किए। गंभीर चोटें आईं। काफी खून बहा।

आशुतोष ब्रह्मचारी के मुताबिक, वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे और ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर लिया। वहीं से जीआरपी को फोन करके घटना की जानकारी दी। उन्होंने हमले के पीछे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद समेत अन्य को जिम्मेदार ठहराया है।
जीआरपी सीओ अरुण कुमार पाठक ने बताया- आशुतोष महाराज की एप्लिकेशन पर रविवार शाम एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच के लिए टीम बनाई है। अब तक सिराथू और प्रयागराज के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा चुके हैं। आशुतोष महाराज के आसपास बैठे चार यात्रियों से भी पूछताछ की गई है।
हमले पर शंकराचार्य ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- यह सब दिखावा है। आशुतोष माहौल बनाने और सुरक्षा पाने के लिए ऐसा कह रहे हैं। हमारे ऊपर आरोप लगाने का मकसद सिर्फ मीडिया का अटेंशन पाना है। यह यात्रा से ध्यान भटकाने की कोशिश है।
आशुतोष ने शंकराचार्य को जवाब दिया है। उन्होंने कहा- हम एक-एक बूंद खून का बदला लेंगे। हमलावर कह रहा था कि तुम्हारी नाक काट कर अपने गुरू के चरणों में चढ़ाना है। हम उनको (शंकराचार्य) कानून से मारेंगे। वो झूठ बोल रहे हैं। अपने ऊपर कोई कैसे हमला करा लेगा। वह अपनी नाक कटवाकर देख लें।
शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई थी रोक
आशुतोष महाराज, जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं। उन पर 21 एफआईआर हैं। उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर 21 फरवरी को 2 बटुकों के यौन शाषण की एफआईआर दर्ज कराई थी।
शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है। मार्च के तीसरे हफ्ते में अग्रिम जमानत पर सुनवाई होगी।

