Homemausamदिन की धूप पर भारी पड़ रही शाम की शीतलहर

दिन की धूप पर भारी पड़ रही शाम की शीतलहर

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– दिन में धूप निकलने से लोगों को मिली राहत, एक फरवरी को बारिश के आसार।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। गुरुवार के बाद शुक्रवार सुबह से ही आसमान साफ रहा और धूप निकलने से लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली। हालांकि शीतलहर का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सुबह और शाम के समय सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन बनी हुई है। वहीं, सुबह आसमान में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना के बावजूद दोपहर 12 बजे के बाद धूप निकल आई, जिससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली।

 

 

भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम शमीम के अनुसार, पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ा है। गुरुवार को दिन का तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया, जिससे दिन में गर्मी का अहसास हुआ, हालांकि, शाम ढलते ही ठंड बढ़ने लगी।

बता दें कि, बीते दिनों हुई बारिश और तेज हवाओं ने ठंड बढ़ा दी थी, लेकिन शुक्रवार को मौसम मिला-जुला रहा। सुबह आसमान में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना के बावजूद दोपहर 12 बजे के बाद धूप निकल आई, जिससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम शमीम के अनुसार, पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ा है।

शुक्रवार को दिन का तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया, जिससे दिन में गर्मी का अहसास हुआ, हालांकि शाम ढलते ही ठंड बढ़ने लगी। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला ने अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। अब तक 30.4 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।वहीं, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला ने अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। अब तक 30.4 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों पर पड़ रहा है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। अगले दो दिनों बाद मौसम एक बार फिर बदल सकता है और ठंड के तेवर तेज होने की संभावना है।भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम समीम ने बताया कि मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 1 फरवरी को बारिश की संभावना बन रही है। हालांकि मौसम परिवर्तन के बावजूद प्रदूषण स्तर में फिलहाल ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी।

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