– दस कुत्ते छोड़ने को कहा, सिर्फ आठ छोड़े थे।
नई दिल्ली। मेनका गांधी के संजय गांधी एनिमल केयर सेंटर पर कोर्ट ने जुर्माना लगाया है। एडिशनल सेशंस जज सुरभि शर्मा वत्स ने यह जुमार्ना तब लगाया जब मामले के इन्वेस्टिगेटिंग आॅफिसर ने कोर्ट को बताया कि एनिमल केयर सेंटर ने जब्त किए गए 10 कुत्तों में से सिर्फ आठ को ही छोड़ा है।

13 जनवरी को कोर्ट ने सेंटर को जब्त किए गए कुत्तों की कस्टडी सौंपने का आदेश दिया था और कहा था कि एनिमल शेल्टर का बर्ताव साफ तौर पर नियमों का पालन न करना, घोर लापरवाही और जानबूझकर गलतबयानी करना दिखाता है।
शाहदरा कोर्ट ने गुरुवार को संजय गांधी एनिमल केयर सेंटर पर जांच के दौरान जब्त किए गए सभी 10 कुत्तों को छोड़ने के अपने आदेश का पालन न करने पर 5 हजार का जुर्माना लगाया।
कोर्ट को बताया कि आठ कुत्ते याचिकाकर्ता विशाल (कुत्तों के मालिक) को सौंप दिए गए हैं और बाकी दो कुत्ते, एक पूडल नस्ल का और दूसरा माल्टीज नस्ल का अभी भी एनिमल केयर सेंटर की कस्टडी में हैं। 16 जनवरी को कोर्ट ने न्यायिक आदेश का पालन न करने के लिए फिर से आलोचना की और एनिमल केयर सेंटर की ओर से दी गई सफाई को पूरी तरह से असंतोषजनक और टालमटोल वाला बताया।
यह आदेश एनिमल शेल्टर की ओर से दायर एक क्रिमिनल रिवीजन याचिका के जवाब में दिया गया था, जिसमें एक मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। जिसमें उसे कुत्तों को विशाल को छोड़ने का निर्देश दिया गया था, जिसका नाम जगत पुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में आरोपी के तौर पर था।
वकील ने गुरुवार को कोर्ट में बताया कि पूडल नस्ल के कुत्ते की कस्टडी विशाल ने इसलिए लेने से मना कर दिया क्योंकि उसने कहा कि वह उसका कुत्ता नहीं है, जिसके बाद कोर्ट ने पूरे मेडिकल रिकॉर्ड की मांग की। हालांकि, एनिमल केयर सेंटर ने माना कि वे माल्टीज कुत्ते को ढूंढ नहीं पाए।
कुत्तों के मालिक के वकील मयंक शर्मा ने कोर्ट में बताया कि लौटाए गए आठ कुत्तों में से चार घायल दिखे और दो कुत्ते वापस नहीं किए गए।
वकील ने आगे कहा कि सेंटर की ओर से दिया गया पूडल कुत्ता उनके क्लाइंट का नहीं था और इसलिए उनके क्लाइंट (विशाल) ने कुत्ते की कस्टडी लेने से मना कर दिया।


