शारदा रिपोर्टर मेरठ। नौचंदी थानाक्षेत्र के लोकप्रिय अस्पताल में मरीज संजय को उसके परिवार ने जिदंगी की उम्मीद में भर्ती कराया था। इसके लिए उन्होंने डॉक्टरों को मुंहमांगी रकम दी, उनको पूरा पैसा भी दिया। लेकिन संजय को नहीं बचा सके, उसकी जान बीमारी ने नहीं बल्कि किसी और वजह से चली गई। परिजनों का आरोप है कि संजय की हत्या हुई है उसे धकेला गया है लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इसे सुसाइड बताया है। वहीं पुलिस भी इसकी जांच कर रही है।

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कांगड़ा (हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश) निवासी संजय चौधरी पुत्र टेकचंद चौधरी पिछले 15 वर्षों से मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित विक्टोरिया पार्क, हाइडल कॉलोनी में पत्नी ज्योति और बेटे सुशांत के साथ रह रहे थे। वह बेगमपुल स्थित माइक्रोटेक कंपनी में नौकरी करते थे।
हीमोग्लोबिन की कमी के चलते बुधवार को उन्हें नौचंदी थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को हालत बिगड़ने पर उन्हें दूसरी मंजिल स्थित आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां तीन यूनिट खून भी चढ़ाया गया।
अस्पताल के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 10 बजे संजय टॉयलेट गए, लौटने के बाद दोबारा अंदर गए और दरवाजा बंद कर बाथरूम की खिड़की का शीशा तोड़कर नीचे कूद गए। गंभीर रूप से घायल संजय को तुरंत आईसीयू ले जाया गया, लेकिन अधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौत हो गई।
वहीं मृतक की पत्नी ज्योति ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही और पति को धक्का देकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मामले में सीएमओ डॉ अशोक कटारिया का कहना है कि लोकप्रिय अस्पताल से जुड़ा इस प्रकार का कोई भी मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, अगर ऐसा है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

