– कस्टडी को लेकर पीहू के दादा और नाना के परिवारों के बीच खिंची तलवार।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। सौरभ हत्याकांड पूरे देश में चर्चित हो चुका है। इस हत्याकांड में उसके कातिल मुस्कान और साहिल को क्या सजा मिलेगी? इस पर भी सभी की निगाहें हैं। लेकिन अहम सवाल ये उठता है कि सौरभ और मुस्कान की मासूम बच्ची पीहू किसके पास रहेगी? इस सवाल को लेकर अब दोनों परिवारों के बीच तलवारें खिंची हुई हैं। पीहू के नाना-नानी जहां अपना हक जता रहे हैं, वहीं अब सौरभ के भाई ने भी पीहू पर हक जताया है।
इस पूरे मामले पर सौरभ के बड़े भाई राहुल का कहना है कि सौरभ को जिस तरह से मार डाला गया, यह हम लोग भूल नहीं पा रहे हैं। पीहू अगर इस घर में आती है तो मां के लिए बड़ा सहारा होगा। फिर पीहू हमारा ही परिवार है।
मेरे छोटे भाई की बेटी है। मेरी बेटी नहीं है। मैं उसकी परवरिश अच्छी तरह से कर सकता हूं। सौरभ मेरे बच्चे के लिए खिलौने लाता, फिर उसके साथ खेलता रहता था।
मुस्कान और साहिल को फांसी मिले। हम मरते दम तक मुकदमा लड़ते रहेंगे। हमें चैन नहीं आएगा। सौरभ की किसी भी चीज से हमें कोई मोह नहीं, हमारा मोह पीहू से है। वह मेरी भतीजी है, उसको बेटी की तरह मैं ही पाल सकता हूं। राहुल कहना है कि, हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि, सौरभ की बेटी पीहू हमारे साथ रहे। अब हम उसकी देखभाल करेंगे। हमें डर है कि अगर पीहू वहां रही तो अपनी मां मुस्कान जैसी हो जाएगी। इसलिए हम उसे अपने साथ ही रखना चाहते हैं।
वहीं मुस्कान के पिता प्रमोद रस्तोगी कहते हैं कि वह सौ प्रतिशत गारंटी देते हैं कि आज वह लोग (सौरभ के भाई) पीहू की कस्टडी मांग रहे हैं, उसको पालना चाहते हैं, ये अच्छी बात है। मगर कल उन्हें पीहू के अंदर सौरभ कम, मुस्कान ज्यादा दिखाई देगी। वह उसके साथ व्यवहार चाहकर भी ठीक नहीं रख पाएंगे। इसलिए यही ठीक होगा कि पीहू को हम अपने से दूर न करें। हम यह जिम्मेदारी ज्यादा ठीक तरीके से उठा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पीहू आज तक उनके पास ही ज्यादा रहती आई है। इसलिए वह पीहू को पाल सकते हैं। इसके अलावा उन्हें सौरभ के हिस्से की किसी जमीन या पैसे से कोई मतलब नहीं है। अब हमारा लक्ष्य पीहू को बेहतर इंसान बनाकर उसका पालन-पोषण करना है।