Homeउत्तर प्रदेशMeerutआवास के साथ रोजगार का भी मिलेगा मौका

आवास के साथ रोजगार का भी मिलेगा मौका

-

  • इंटीग्रेटेड टाउनशिप में तीन लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार।

शारदा रिपोर्टर

मेरठ। दिल्ली रोड पर इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लिए मेडा ने 7.17 करोड़ रुपये देकर पांच किसानों से जमीन ली है। 300 हेक्टेयर में यह टाउनशिप विकसित होगी। वहीं तीन लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा तो वहीं एनसीआर की आबादी का भार भी कम होगा।

मेरठ दिल्ली रोड पर विकसित की जाने वाली प्रदेश की पहली सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड टाउनशिप में लोगों के रहने के साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों पर भी जोर दिया गया है। यहां तीन लाख युवाओं को रोजागर के अवसर मिलेंगे। इसमें 27 हेक्टेयर में ब्लॉक में कॉमर्शियल जोन विकसित किए जाएंगे। इसमें विदेश की तर्ज पर फ्लैटेड इंडस्ट्रियल एस्टेट विकसित होंगे, जिसमें 100 वर्ग मीटर के दफ्तर के हिसाब से 50 हजार दफ्तर बनाए जाएंगे। एक लाख 35 हजार कर्मचारी काम करेंगे। इसके अलावा लगातार पैर पसार रहे आईटी सेक्टर का भी केंद्र बनकर मेरठ उभरेगा, जिसके लिए 20 हेक्टेयर क्षेत्र सुरक्षित रखा गया है।

मेडा की प्लानिंग के मुताबिक आईटी जोन में भी 50 हजार दफ्तर खोले जाएंगे, जिनमें एक लाख 66 हजार कर्मचारी काम करेंगे। ऐसे में तीन लाख से ज्यादा कर्मचारी यहां काम करेंगे। 41 हजार 575 आवास बनाए जाएंगे जो एक लाख 85 हजार लोगों की घर की जरूरत पूरी करेंगे।

आवास एवं विकास परिषद् की ओर से गंगा एक्सप्रेसवे और बिजली बंबा बाईपास के पास दस गांवों में प्रस्तावित टाउनशिप में 30 हजार आवास बनेंगे, जिसमें सवा लाख से अधिक लोग रह सकेंगे। इन टाउनशिप से करीब तीन लाख लोगों आवासीय जरूरत पूरी होगी।

नई टाउनशिप के तहत पहले फेज में छज्जूपुर में 30.09 हेक्टेयर और मोहिउद्दीनपुर में 111.79 हेक्टेयर जमीन को लेकर काम होगा। इन दोनों गांव की कुल 112 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण पर 1007.34 करोड़ रुपये का खर्च होगा।

फ्लैटेड फैक्टरी में होते हैं इस तरह के काम

मेडा के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने बताया कि फ्लैटेड फैक्टरी का कॅन्सेप्ट विदेशी है। इसके तहत फ्लैटनुमा बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाता है। इमारत के हर फ्लोर पर काम के हिसाब से स्ट्रक्चर तैयार किया जाता है। जैसे जेम्स एंड ज्वेलरी, स्पोर्ट्स, कैंची, जूता सिलाई, रेडीमेड गारमेंट, हैंडीक्राफ्ट, फैशन डिजाइन, आईटी सेक्टर से जुड़े केपीओ, बीपीओ, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डिजाइनिंग, असेंबलिंग की छोटी फैक्टरियां आदि।

एनसीआर की आबादी का भार होगा कम

इंटीग्रेटेड टाउनशिप मेरठ की सूरत बदलकर रख देगी। मेडा की ओर से किए गए सर्वे के मुताबिक गुरुग्राम की एक प्रतिशत, फरीदाबाद की दो प्रतिशत, नोएडा की 5 प्रतिशत, ग्रेटर नोएडा की दो प्रतिशत, दिल्ली की एक प्रतिशत और गाजियाबाद की आठ फीसदी आबादी की घर की जरूरत भी मेरठ पूरा करेगा। – अभिषेक पांडेय, उपाध्यक्ष मेडा

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

[td_block_social_counter custom_title="Stay Connected" block_template_id="td_block_template_4" header_color="#ea2e2e" f_header_font_family="522" f_header_font_transform="uppercase" f_header_font_style="italic" f_header_font_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNSIsInBvcnRyYWl0IjoiMTQifQ==" youtube="#" style="style10 td-social-boxed td-social-colored" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzIiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3fQ==" facebook="#" manual_count_facebook="14000" manual_count_youtube="6000"]

Latest posts