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Tuesday, January 20, 2026
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radioactive californium: 50 ग्राम वजन की कीमत 850 करोड़, पकड़ा गया ‘रेडियोएक्टिव कैलिफोर्नियम’ है क्या?,

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  • अचानक चर्चा में क्यों है रेडियोएक्टिव कैलिफोर्नियम।
  • तस्करों के पास मिला करोड़ों का रेडियोएक्टिव कैलिफोर्नियम,
  • Nuclear Reactor में लगता है ये मैटेरियल
  • बिहार में पकड़ा गया ‘कैलिफोर्नियम’

Radioactive californium: बिहार के गोपालगंज जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस ने तीन तस्करों को पकड़ा जिनके पास करोड़ों रुपये की कीमत का 50 ग्राम रेडियोएक्टिव पदार्थ मिला। इसका इस्तेमाल परमाणु रिएक्टर (Nuclear Reactor) में होता है। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। गोपालगंज पुलिस ने इसकी जानकारी परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के अधिकारियों को दी है। गोपालगंज पुलिस ने रेडियोएक्टिव पदार्थ कैलिफोर्नियम को जब्त किया। जब्त की गई रेडियोएक्टिव पदार्थ का वजन करीब 50 ग्राम है। जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत 850 करोड़ रुपए आंकी गई।

ये कार्रवाई एसटीएफ एसओजी 7, डीएआईयू और कुचायकोट पुलिस के द्वारा वाहन जांच के दौरान की गई है। इस मामले में पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, ये वो रेडियोएक्टिव पदार्थ है, जो नाभिकीय विखंडन में काम आता है। जी हां, अगर इस पदार्थ का सही उपयोग किया जाए तो बिजली से लोगों के घर में रोशन होंगे। गलत हाथों में पड़ जाए तो इंसानी डीएनए बदल देने की क्षमता रखता है।

जानिए, कैलिफोर्नियम का क्या होता है?

बहुमूल्य पदार्थ कैलिफोर्नियम को लेकर चर्चा हो रही है। आखिर, कैलिफोर्नियम पदार्थ क्या चीज है? इसकी उत्पत्ति कैसे हुई? दरअसल, कैलिफोर्नियम एक रेडियोएक्टिव पदार्थ है, जो बहुत ही बहुमूल्य है। जिसका इस्तेमाल एटॉमिक रिएक्टर में किया जाता है। बताया जाता है कि रेडियोएक्टिव पदार्थ कैलिफोर्नियम इस कदर बेहद महंगा है कि भारत में इसे खरीदना आम आदमी के बस के बाहर की बात है। कैलिफोर्नियम धातु का प्रतीक कफ है। जिसका परमाणु संख्या 98 है।

अमेरिका से बिहार कैसे आया? ये रेडियोएक्टिव पदार्थ प्राकृतिक नहीं है बल्कि इसे अमेरिका के एक लैब में सिंथेसिस किया गया था। ट्रांसयूरेनियम एलिमेंट्स में से एक कैलिफोर्नियम चांदी के रंग जैसी एक धातु होती है। ये पदार्थ करीब 900 डिग्री सेल्सियस पर पिघलता है। ये शुद्ध रूप से इतना मुलायम होता है की इसे नॉर्मल ब्लेड से आसानी से काटा जा सकता है। ये पदार्थ उन ट्रांसयूरेनियम एलिमेंट्स में से एक है। जिन्हें इतनी मात्रा में बनाया गया है कि उन्हें खुली आंखों से देखा जा सके।

इंडस्ट्रियल फील्ड में कैलिफोर्नियम का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मदद से तेल के कुओं में तेल और पानी के लेयर का पता लगाया जाता है। इसके अलावा गोल्ड और सिल्वर के डिटेक्शन, पोर्टेबल मेटल डिटेक्टर में इसका प्रयोग होता है। इसका उपयोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में भी होता है। मेडिकल सेक्टर में इसका इस्तेमाल कैंसर मरीजों और एक्सरे मशीनों में किया जाता है। कैलिफोर्नियम एक आइसोटोप CF-252 बेहद ताकतवर न्यूट्रॉन सोर्स होता है। ये न्यूट्रॉन न्यूक्लियर रिएक्टर्स को शुरू करने में मददगार होता है।

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