नई दिल्ली। 235 किलो वजनी स्वर्ण धनुष ‘कोडंडा’ ने ओडिशा से अयोध्या की यात्रा शुरू की, जो एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और सांस्कृतिक घटना का प्रतीक है। राउरकेला स्थित हनुमान वाटिका से इस धनुष को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया और यह अयोध्या पहुंचने से पहले ओडिशा के सभी 30 जिलों से होकर गुजरेगा।

सोना, चांदी, एल्युमिनियम, जस्ता और लोहे जैसी पांच धातुओं से निर्मित यह स्वर्ण धनुष भक्ति, शिल्प कौशल और राष्ट्रीय गौरव का संगम है। धनुष पर कारगिल युद्ध से लेकर आॅपरेशन सिंदूर की सफलता तक भारत की सैन्य उपलब्धियों के साथ-साथ शहीद सैनिकों के नाम भी अंकित हैं। स्वर्ण धनुष के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हुए।
8 फीट लंबा और साढ़े तीन फीट चौड़ा यह धनुष शक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। तमिलनाडु के कांचीपुरम की 40 महिला कारीगरों द्वारा इसे अत्यंत कुशलता और समर्पण के साथ तैयार किया गया है। कार्यक्रम के अनुसार, यह स्वर्ण धनुष 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचने वाला है।


