देवीपाटन धाम पहुंचे मुख्यमंत्री, गौशाला में गायों को खिलाया गुड़ और रोटी
बलरामपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह बलरामपुर स्थित शक्तिपीठ देवीपाटन धाम पहुंचकर मां पटेश्वरी के दरबार में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना करने के बाद उन्होंने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया, श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने अपने हाथों से गायों को गुड़, रोटी और हरा चारा खिलाकर गौसंरक्षण का संदेश दिया।
बुधवार सुबह ठीक 8 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देवीपाटन धाम पहुंचे। उन्होंने मां पटेश्वरी के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना करते हुए देश और प्रदेश के नागरिकों के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए मौजूद रहे।
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने देवीपाटन मंदिर परिसर का विस्तृत भ्रमण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों से विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से बेहतर की जाएं। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने परिसर में मौजूद बच्चों से आत्मीयता से मुलाकात की और उन्हें चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साह भी बढ़ाया।
मंदिर भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गौशाला पहुंचे। यहां उन्होंने गायों के बीच समय बिताया और अपने हाथों से उन्हें गुड़, रोटी तथा हरा चारा खिलाया। मुख्यमंत्री ने गौशाला की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण, साफ-सफाई, चारे की उपलब्धता और रखरखाव की जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों से बातचीत कर गौवंश की नियमित देखभाल और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौसंरक्षण और गौसेवा भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि गौवंश को बेहतर संरक्षण, पर्याप्त चारा और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रशासनिक अधिकारी लगातार उनके साथ मौजूद रहे और मंदिर परिसर तथा गौशाला से जुड़े विकास कार्यों की प्रगति से उन्हें अवगत कराते रहे। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया।