आढ़ती ने लगाया मझोला पुलिस पर तीनों लुटेरों को पकड़कर छोड़ने का आरोप
मुरादाबाद। मंडी समिति से एक आढ़ती के करीब 3 लाख रुपए के नारियल एक गैंग ने गन प्वाइंट पर लूट लिए। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। लुटेरे पकड़े भी गए और वारदात में इस्तेमाल किए गए तीन वाहन भी पुलिस ने पकड़ लिए। लेकिन आढ़ती का आरोप है कि, मझोला पुलिस ने 2 दिन बैठाने के बाद तीनों लुटेरों को बगैर किसी कार्रवाई के छोड़ दिया। आढ़ती का दावा है कि एसएचओ ने उसे सत्ताधारी दल के एक जनप्रतिनिधि के पास जाकर समझौता कर लेने की सलाह दी।
मूंढापांडे थाना क्षेत्र में बूजपुर मान निवासी किशनपाल पुत्र भारत सिंह के मुताबिक उसकी मंडी समिति में नारियल की आढ़त है। फल मंडी से वह अपना व्यापार करता है। किशनपाल ने बताया कि 4 सितंबर की शाम करीब 7 बजे कर्नाटक से उसकी नारियल की गाड़ी आई थी। किशनपाल ने बताया कि कर्नाटक से आकर गाड़ी रात में हमेशा मंडी समिति में फल मंडी में खड़ी हो जाती थी और सुबह करीब 4 बजे वह मंडी पहुंचकर नारियल उतरवा लेता था।
लेकिन 4 सितंबर की रात करीब 9 बजे एक स्विफ्ट में सवार होकर 4-5 लोग वहां पहुंचे। ट्रक में सो रहे ड्राइवर सलमान को आवाज दी और उसे गन प्वाइंट पर कवर करके स्विफ्ट कार में बैठा लिया। इसके बाद उसे मंडी के चक्कर लगवाते रहे। जबकि लुटेरों के साथ आई दो बोलेरो पिकअप गाड़ी में लुटेरों के बाकी साथियों ने ट्रक में लोड 15 हजार नारियल में से 4700 नारियल 2 बोलेरो पिकअप गाड़ियों में लोड किए और ले गए। ड्राइव की जेब में रखे 30 हजार रुपए भी छीन लिए।
किशनपाल के मुताबिक लुटेरों के जाने के बाद ड्राइवर ने उसे फोन पर घटना की जानकारी दी तो उसने डायल 112 पर कॉल करके पुलिस बुला ली। किशनपाल का कहना है कि उसने खुद ही सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक करके दोनों पिकअप गाड़ियों और स्विफ्ट का नंबर पुलिस को दिया। दोनों स्विफ्ट गाड़ियों जयंतीपुर की थीं और उन्होंने लूटे गए नारियल को बरेली में मंडी के सामने एक व्यक्ति को ले जाकर डिलीवर किया था।
किशनपाल का आरोप है कि, पुलिस ने पिकअप और स्विफ़्ट को बरामद कर लिया। घटना में शामिल 3 लोगों को पकड़ भी लिया। लेकिन 12 सितंबर को बगैर कार्रवाई के तीनों को छोड़ दिया गया। किशनपाल का आरोप है कि पुलिस ने उसकी एफआईआर भी दर्ज नहीं की। आरोप है कि रऌड ने एक जनप्रतिनिधि का नाम लेते हुए कहा कि उनके पास जाकर समझौता कर लो।