- मुनीर गैंग का था सक्रिय सदस्य।
- मेरठ में STF-पुलिस मुठभेड़ में एक लाख का इनामी जुबैर ढेर।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। मंगलवार देर रात एसटीएफ और लोहियानगर पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश जुबैर को मुठभेड़ में मार गिराया। अलीपुर क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। घायल हालत में बदमाश को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, मारा गया बदमाश जुबैर पुत्र रफतउल्ला निवासी गांव नौशा थाना बरला जनपद अलीगढ़ तथा हाल निवासी शाहीन बाग दिल्ली था। वह लंबे समय से हत्या, लूट, डकैती और रंगदारी जैसे संगीन मामलों में फरार चल रहा था।
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि जुबैर कुख्यात मुनीर गैंग का सक्रिय सदस्य था और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उसकी आपराधिक गतिविधियां फैली हुई थीं।
जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ को सूचना मिली थी कि जुबैर मेरठ में अपने साथियों से मिलने और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में आने वाला है। सूचना के आधार पर एसटीएफ और लोहियानगर पुलिस ने अलीपुर क्षेत्र में संयुक्त रूप से घेराबंदी कर चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान बाइक पर सवार संदिग्ध युवक को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बदमाश को घेर लिया। मुठभेड़ में गोली लगने से जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके से पुलिस ने एक बाइक, दो अवैध 32 बोर पिस्टल, भारी मात्रा में खोखा कारतूस और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल कई आपराधिक घटनाओं में किया गया हो सकता है, जिसकी जांच की जा रही है।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, जुबैर 24 दिसंबर 2025 को अलीगढ़ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हुए चर्चित राव दानिश हिलाल हत्याकांड में वांछित था। इस हत्याकांड के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। अलीगढ़ पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस का कहना है कि जुबैर के खिलाफ करीब दो दर्जन मुकदमे दर्ज थे। उसके मारे जाने के बाद पुलिस अब मुनीर गैंग के अन्य सदस्यों और उसके नेटवर्क की तलाश में जुट गई है। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की जांच जारी है।


