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राहुल गांधी व ममता के तीखे तेवरों के बीच यूएस डील; मोदी सरकार के लिए सियासी बूस्टर से कम नहीं

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नई दिल्ली। बजट के दूसरे दिन सोमवार को संसद से सड़क तक सियासी माहौल राजनीति गरम था। लोकसभा में नेता प्रति राहुल गांधी की आक्रामक राजनीति ने संसद की तपिश बढ़ा रखी रखी थी तो एसआईआर के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के खिलाफ सख्त तेवर अपनाकर राजनीतिक माहौल को और भी ज्यादा गरमा दिया।

 

 

राहुल गांधी और ममता बनर्जी की आक्रामक पॉलिटिक्स से मोदी सरकार और बीजेपी कशमकश में नजर आ रही थी तो विपक्ष के हौसले बुलंद थे, लेकिन सूरज ढलने के साथ ही ही सारा गेम बदल गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच बातचीत होती है और फिर अमेरिका-भारत के बीच व्यापार समझौते पर फाइल मुहर लग जाती है।

डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार देर शाम इंडिया-यूएस डील पर फैसला लेते हुए भारत पर लगाए गए टैरिफ को कम कर दिया है। अमेरिका ने अब टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। अमेरिका और भारत की ट्रेड डील सिर्फ मार्केट के लिए ही नहीं किया, बल्कि मोदी सरकार के लिए सियासी बूस्टर से कम नहीं है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान आक्रमक अंदाज में मोदी सरकार को चीन मुद्दे पर घेरकर संसद का का माहौल पूरी तरह गर्मा दिया था।

राहुल ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स आॅफ डेस्टिनी’ का हवाला देते हुए मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि 2020 के लद्दाख स्टैंडआॅफ और डोकलाम में चीनी टैंक भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन सरकार ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए। राहुल ने कहा सरकार क्यों डर रही है? सेना के हर जवान को सच मालूम है। राहुल के द्वारा चीन का मुद्दा उठाते ही सदन में हंगामा हो गया और दो बार लोकसभा को स्थगित करनी पड़ी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य बीजेपी नेताओं ने राहुल पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अप्रकाशित किताब का जिक्र सदन में नहीं किया जा सकता। यह नियमों के खिलाफ है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी किताब पढ़ने की अनुमति नहीं दी जबकि राहुल किताब के अंश पढ़ने की जिद पर अड़े रहे।  राहुल ने आरोप लगाया कि शीर्ष नेतृत्व सदन का सामना करने के बजाय बच रहा है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मोदी सरकार पर आरोप लगाते हैं कि 2020 की घटना में मोदी सरकार ने चीन के सामने घुटने टेक दिए।

राहुल गांधी ने कई बार कहा कि चीन ने भारतीय जमीन पर कब्जा किया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि कोई घुसपैठ नहीं हुई। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया और सेना को सही निर्देश नहीं दिए। राहुल गांधी ने संसद में जनरल नरवणे की किताब के बहाने फिर से मोदी सरकार को घेरकर सियासी तपिश बढ़ा दी।

 

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