कमिश्नर को चेतावनी देते हुए कहा दस मिनट में बाहर नहीं निकले तो गेट टूटेंगे, कलक्ट्रेट में ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर घुसे
शारदा रिपोर्टर मेरठ। अपनी लंबित मांगों को लेकर अपने हाथों में गन्ना लेकर किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव करना शुरू कर दिया है। मंगलवार करीब सवा 11 बजे करीब 2000 किसान अभी कमिश्नर आफिस के बाहर पहुंच गए हैं। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए कमिश्नर आॅफिस के मेन गेट पर ताला लगवा दिया गया है। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स तैनात है।
करीब साढ़े 12 बजे भाकियू टिकैत संगठन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने धरने के दौरान प्रशासन को चेतावनी दे डाली। कहा- तानाशाह अधिकारियों के लिए खुली चेतावनी है। हम यहां 2 घंटे से धरने पर हैं और कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अगर 10 मिनट में कमिश्नर ने ज्ञापन स्वीकार नहीं किया। नहीं तो किसके गेट टूटेंगे और क्या होगा नहीं पता।
हालांकि थोड़ी देर में ही कमिश्नर के प्रतिनिधि पहुंचे और किसानों ने उन्हें ज्ञापन सौंप दिया। इसके बाद वहां से 500 मीटर दूर हाथों में ज्वार की फसल लेकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।
कमिश्नर आॅफिस पर धरना देने के बाद किसान कलेक्ट्रट के बाहर पहुंच गए हैं। यहां पर अब धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कमिश्नर आॅफिस के बाहर मंडलायुक्त के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपने के बाद किसाने कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ गए। कलेक्ट्रेट का घेराव करने के बाद यहां डीएम और एसएसपी को ज्ञापन सौपेंगे।
पंजाब से मॉडिफाई हुई ट्रैक्टर-ट्रॉली प्रदर्शन में पहुंची
मंगलवार को कमिश्नरी पर किसानों के प्रदर्शन में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। किसान अपने-अपने ट्रैक्टर और ट्रॉलियों के साथ पहुंचे। इनमें कई ट्रॉलियां विशेष रूप से मॉडिफाई की गई थीं। कुछ ट्रॉलियां पांच लाख तक की लागत से बनाई गई है। वहीं, कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को किसान यूनियन के प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल करने के लिए खास तौर पर तैयार कराया गया था। इन अनोखे और मॉडिफाइड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को देखने के लिए लोगों की भीड़ भी जुटी। किसान ने बताया कि यह विशेष रूप से मॉडिफाइड कराई गई हैं। इनमें बैठने व आराम करने से लेकर घर जैसी सुविधाएं हैं। इसे केवल प्रोटेस्ट, गंगा मेला और किसानों के विशेष शिविर में ही निकाला जाता है।
भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष की कमिश्नर को चेतावनीभाकियू टिकैत संगठन के जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी ने पुलिस प्रशासन को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगले 10 मिनट में मेरठ कमिश्नर अपने कार्यालय से बाहर आकर हमारा ज्ञापन स्वीकार करते है तो ठीक है। नहीं तो उसके बाद खुद गेट तोड़कर अंदर जाएंगे। इसके साथ ही जो भी अव्यवस्था होती है उसके लिए हमारे संगठन की कोई जिम्मेदारी किसी भी कार्य के लिए नहीं होगी।
किसानों की प्रमुख मांग है गन्ना भुगतान
किसानों की प्रमुख मांगों में समितियों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराना, गन्ना किसानों का लंबित भुगतान, बिजली के बढ़े हुए भार से राहत, तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कार्रवाई और लोक निर्माण विभाग से जुड़े मामलों का समाधान शामिल है। उनका आरोप है कि खाद वितरण में अनियमितताएं हो रही हैं, किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही और गन्ना भुगतान भी लंबे समय से अटका हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि जिलाधिकारी से मिलने के लिए समय मांगने पर भी किसानों को मुलाकात नहीं मिल पाती।
किसान कमिश्नर आॅफिस के बाहर हुक्का लेकर बैठे
भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी संगठन के कार्यकतार्ओं के साथ कमिश्नरी के बाहर सड़क पर ही बैठ गए। वहीं पर सब हुक्का पी रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक हमारी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, किसान यहीं डेट रहेंगे।