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Sunday, January 11, 2026
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महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने लगाई डाक्टरों को फटकार

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– राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने किया अस्पताल का निरीक्षण।

मुरादाबाद। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने मुरादाबाद के जिला पुरुष चिकित्सालय और जिला महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं, जिस पर उपाध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जताते हुए फटकार लगाई। उपाध्यक्ष ने हाजिरी रजिस्टरों की जांच की और पाया कि कई डॉक्टर रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज करने के बाद ड्यूटी से गायब है। इस पर उपाध्यक्ष ने डॉक्टरों को लताड़ लगाई और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक संगीता गुप्ता से जवाब तलब किया और आईनदा नियमित मॉनिटरिंग और डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने आॅपरेशन थिएटर, हड्डी वार्ड, ओपीडी, एसएनसीयू, दवा स्टोर के अलावा अलग-अलग वार्डों का दौरा किया और मरीजों से डॉक्टरों की नियमित विजिट और दवाइयों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। हड्डी वार्ड में रिक्त बेड के कारणों पर प्रमुख अधीक्षक डॉ. संगीता गुप्ता ने बताया कि कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए आपात स्थिति के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं। ताकि कांवड़ियों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष पुरुष जिला अस्पताल परिसर में दूसरी मंजिल पर बने हड्डी वार्ड में मरीजों से बातचीत कर हालचाल जाना। वहां एक मरीज ने बताया कि 10 हजार रुपए लेकर आपरेशन किया गया है। जबकि, दूसरे मरीजों ने कहा, 10 से 15 दिन से भर्ती हूं, रुपए नहीं हैं इसलिए सर्जरी नहीं हो पाई है। वहां कई मरीजों ने ये भी बताया कि रुपए लेकर सर्जरी की जा रही हैं।
उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने महिला जिला अस्पताल में ओपीडी के बाजार मरीजों की भीड़ पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, कि मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई है। ओपीडी में डॉक्टर्स की ड्यूटी बढ़ाकर मरीजों को हो रही दिक्कतों को कम किया जाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने वार्ड में पहुंचकर गोपनीय तरीके से मरीजों से बातचीत की। पूछा, किसी तरह की कोई दिक्कत तो नहीं, इलाज ठीक से हो राह है या नहीं। इलाज। के दौरान मरीजों के साथ किसी तरह की दिक्कत तो नहीं आ रही।

वहीं, महिला जिला चिकित्सालय में निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने महिला मरीज से बातचीत की। कई मरीजों ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट बाहर कराने की बात कही। प्राइवेट लेब से कराई गई रिपोर्ट देख उपाध्यक्ष ने वहां मौजूद डॉक्टर्स को फटकार लगाई साथ ही महिला अस्पताल की सीएमएस से जवाब मांगा। इसके अलावा, कई मरीजों ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में देरी की बात कही।

उन्होंने कहा अल्ट्रासाउंड हों के बाद जांच रिपोर्ट आने में 20 से 25 दिन का समय दिया जा रहा है। उपाध्यक्ष ने ओपीडी के बाहर महिला मरीजों की लंबी कतार देख हैरानी जाहिर की। उन्होंने कहा, कि जिस तरह ओपीडी के बाहर मरीजों की संख्या है उसके मुताबिक दवाई लेने वाले मरीजों की संख्या बहुत कम यानी न की बराबर है। ये अपने आप में एक सवाल है।

दो बजे तक सिर्फ दो डिलीवरी केस, 6 डॉक्टर्स तैनात

कमोबेश यही खामियां उपाध्यक्ष ने निरीक्षण के दौरान महिला जिला चिकित्सालय में भी पाई। यहां भी ड्यूटी के दौरान डॉक्टर नदारद दिखे। जबकि, एंट्री रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज दिखाई दी। उन्होंने सुबह 8 बजे से दोपहर दो बजे तक महज दो डिलीवरी होने पर हैरानी जताई। कहा, एक नॉर्मल और एक सिजेरियन हुआ है जो कि बहुत कम है। जबकि, दोपहर 2 बजे तक नॉर्मल और सिजेरियन डिलीवरी मिलकर 10 डिलीवरी होनी चाहिए थीं। क्योंकि, महिला अस्पताल में स्टाफ की कमी नहीं है, 6 गाइनोकोलॉजिस्ट मौजूद हैं।

नवजात की देखरेख का जिम्मा नर्स स्टाफ पर, डॉक्टर गायब

उपाध्यक्ष ने महिला जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान पाया कि, एसएनसीयू (सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में डॉक्टर्स ड्यूटी के दौरान गायब हैं। जबकि, वहां की देख देख नर्सिंग स्टाफ के जिम्मे है। जबकि, एसएनसीयू में दो महिला डॉक्टर्स की ड्यूटी है। उन्होंने कहा, कई नवजात यहां क्रिटिकल कंडीशन में हैं, उन्होंने इसे घोर लापरवाही माना।

अस्पताल प्रशासन को निर्देश

उपाध्यक्ष ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि वे नियमित मॉनिटरिंग और डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे अपनी सेवाओं में सुधार करें।

जांच के दायरे में डॉक्टर्स की अनियमितताएं

उन्होंने कहा, ड्यूटी के दौरान डॉक्टर्स की अनुपस्थिति और अन्य अनियमितताओं के बारे में स्पष्टीकरण और डॉक्टर्स पर रुपए लेकर सर्जरी करने जैसे आरोपों की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपने स्तर से भी खामियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

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