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Monday, January 5, 2026
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Homeउत्तर प्रदेशMeerutहवा में फैला जहर, गैस चेंबर बनता जा रहा मेरठ शहर

हवा में फैला जहर, गैस चेंबर बनता जा रहा मेरठ शहर

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– लगातार प्रदूषण का मानक स्तर बढ़ने से लोगों की सांसों पर बन रहा संकट

शारदा रिपोर्टर मेरठ। दिसंबर का दूसरा हफ्ता शहरवासियों के लिए राहत के बजाय मुसीबत लेकर आया है। शहर की आबोहवा सुधरने के बजाय और ज्यादा जहरीली होती जा रही है। इस समय शहर का वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, जिसके चलते हवा की गुणवत्ता ‘लाल श्रेणी’ यानी बहुत खराब कैटेगरी में दर्ज की गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 386 तक पहुंच गया है, जिससे लोगों का सांस लेना भी दूभर हो गया है। प्रदूषण में मेरठ देश में चौथे स्थान पर पहुंच चुका है।

 

 

प्रदूषण के मामले में मेरठ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सीपीसीबी द्वारा जारी देश के 244 शहरों की सूची में मेरठ चौथे स्थान पर है। हैरानी की बात यह है कि प्रदूषण की इस लिस्ट में टॉप-4 शहर एनसीआर क्षेत्र के ही हैं। वहीं, अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण शहर की फिजा में जहर घुल गया है। सुबह और शाम के वक्त घना स्मॉग छाया रहता है। विशेषकर शाम चार बजे के बाद स्मॉग की परत और मोटी हो जाती है, जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) कम हो रही है। बीते दो दिनों से एक्यूआई के स्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जहरीली हवा के चलते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। शहरवासियों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, पानी आना और गले में खराश जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर्स ने बुजुर्गों और बच्चों को सुबह की सैर से बचने की सलाह दी है।
गिरता पारा और शुष्क मौसम

एक तरफ प्रदूषण की मार है तो दूसरी तरफ ठंड ने भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मेरठ में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। रातें अब पहले से ज्यादा सर्द हो गई हैं और ओस गिरने से वातावरण में नमी बनी हुई है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार मेरठ का अधिकतम तापमान: 25.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान: 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

17 दिसंबर तक राहत के आसार नहीं

प्रदूषण के कणों के हवा में ठहरने का एक बड़ा कारण हवा की धीमी रफ्तार है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, आगामी पांच दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि, 17 दिसंबर तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि, रात के तापमान में औसतन दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है, लेकिन प्रदूषण और ठंड की जुगलबंदी अभी जारी रहेगी।
मेरठ का एक्यूआई खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। प्रशासन द्वारा ग्रैप के नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात सुधरते नहीं दिख रहे। ऐसे में नागरिकों को खुद भी सावधानी बरतने और मास्क का प्रयोग करने की आवश्यकता है।

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