Home Meerut छोटी छोटी बातों पर खुद की जान लेने की बढ़ी प्रवृत्ति !

छोटी छोटी बातों पर खुद की जान लेने की बढ़ी प्रवृत्ति !

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  • मानसिक कुंठा से बढ़ रहे सुसाइड के मामले।

ज्ञान प्रकाश, मेरठ। अगर पौराणिक बातों पर भरोसा किया जाए तो कहा जाता है कि लाखों योनियों के बाद मनुष्य की जिंदगी मिलती है लेकिन ईश्वर प्रदत्त जिंदगी को लोग संघर्ष करने के बजाय मौत को गले लगा लेते हैं। आत्महत्या की घटनाएं पूरे परिवार को सामाजिक रुप से बदनाम कर देती हैं। क्रांतिधरा पर आत्महत्या की घटनाओं ने लोगों को हैरत में डाल दिया है। इस साल अभी तक 110 लोगों की मौत सुसाइड के कारण हो चुकी है। गत वर्ष यह आंकड़ा जून माह तक 80 था। दौराला थाना क्षेत्र के चिरौड़ी गांव में आर्थिक तंगी से परेशान होकर पिता और पुत्री ने जहर खाकर दम तोड़ दिया।

कहने को सुसाइड करना और सुसाइड के लिये प्रेरित करना कानूनी अपराध है लेकिन लोग निजी कारणों से सुसाइड न करें इसके लिये परिवार के लोग प्रयास नहीं करते है और यही कारण है कि कम उम्र के बच्चे सुसाइड करके परिवार के सपनों को तोड़ रहे हैं। दौराला के चिरौड़ी गांव में जिस तरह से गरीबी के कारण सुसाइड हुआ उसने सरकारी योजनाओं से लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर उंगली उठा दी है।

समाज में आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को लेकर समाजशास्त्री श्वेता शर्मा का कहना है कि परिवारों में बच्चों की मनोभावना समझने के लिये अब पैरेंटस के पास वक्त नहीं है। इस कारण बच्चे हो या बढ़े आंतरिक कुंठा से जूझते रहते हैं। ऐसे में अगर कोई उनके दर्द को सुने और मानसिक रुप से मदद करे तो सुसाइड के कई मामले रोके जा सकते है।

मेरठ कालेज की मनोविज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डाक्टर अनीता मोरल का कहना है कि सुसाइड समाज में कतई स्वीकार्य नहीं है। सुसाइड के लिये जिम्मेदार हारमोन्स के अनियंत्रित होने के कारण इंसान के सोचने और समझने की शक्ति खत्म हो जाती है और वो आत्मघाती कदम उठा लेता है। मेरठ में प्रेम संबंधों के कारण, पढ़ाई के दबाव के कारण ज्यादा सुसाइड के मामले सामने आ रहे हैं। अगर अकेले इस वर्ष की बात की जाए तो 110 मामले आ चुके हैं। इनमें लोगों ने मरने के लिये फांसी लगाना, गोली मारकर खुद को खत्म करना, गंग नहर में कूदना या फिर जहर खाने का प्रयोग किया।

दौराला थाना क्षेत्र के चिरौड़ी गांव में पिता, पुत्री ने जहरीला पदार्थ खाकर सुसाइड कर लिया। मौत का कारण गरीबी बताया जा रहा। महलका निवासी रहीसुद्दीन की18 वर्षीय बड़ी बेटी हिना तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। हस्तिनापुर के नितिन ने अपने बेटे अंगद को मोबाइल फोन का अधिक इस्तेमाल करने पर डांट लगाई थी और पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कहा था। डांट से क्षुब्ध अंगद ने पिता के लाइसेंसी रिवॉल्वर से सिर में गोली मार कर सुसाइड किया। कंकरखेड़ा में प्रिंसिपल की डांट व मारपीट के बाद 12वीं की छात्रा ने घर जाकर पंखे से लटकर सुसाइड कर लिया था। शास्त्री नगर सेक्टर-1 में अमित बंसल ने पत्नी से विवाद के बाद सुसाइड कर लिया। इसके बाद बेटे के पिता ने बहू की गला काट कर हत्या कर दी थी। खरखौदा थाना क्षेत्र में एक विवाहिता ने अपनी दो मासूम बच्चियों को फांसी पर लटकाने के बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। तीनों के शव पेड़ से लटके मिले थे।

डिप्रेशन में हो तो कॉल करो

अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है। इसके लिये तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें। आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं। यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे।

 

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