– मेरठ ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन ने सचिव को भेजे ज्ञापन में जताया विरोध।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। दवा के थोक विक्रेता यदि अलग से कहीं दवा का भंडारण करते हैं, तो उसके लिए अलग से लाइसेंस लेना होगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के इस आदेश को अव्यवहारिक तताते हुए दवा के थोक व्यापारियों ने बुधवार को सचिव एवं आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के नाम डीएम के माध्यम से ज्ञापन भेजा।

मेरठ ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र भसीन और महामंत्री रजनीश कौशल ने बताया कि थोक दवा व्यापारियों द्वारा पूर्व से विधिवत गोदाम लाइसेंस प्राप्त किए गए हैं, तथा उनका नियमित रूप से नवीनीकरण भी कराया जाता रहा है। किंतु वर्तमान में लागू नये आॅनलाइन ड्रग लाइसेंसिंग पोर्टल की संरचना में निम्नलिखित गंभीर त्रुटियां एवं कमियां विद्यमान हैं, जिनके कारण विधि का पालन करना व्यवहारिक रूप से असंभव होता जा रहा है।
पोर्टल में थोक दवा व्यापारियों हेतु पृथक गोदाम लाइसेंस के लिए कोई स्पष्ट कॉलम अथवा विकल्प उपलब्ध नहीं है, जबकि नियम 1945 के अंतर्गत भंडारण स्थल का पृथक रूप से लाइसेंस होना आवश्यक है। पूर्व से विधिवत जारी गोदाम लाइसेंसों के नवीनीकरण हेतु भी पोर्टल में कोई पृथक एवं स्पष्ट प्रक्रिया उपलब्ध नहीं कराई गई है।
पोर्टल की वर्तमान तकनीकी संरचना के कारण थोक एवं फुटकर दोनों प्रकार के लाइसेंसों के रिन्यूअल में बार-बार आपत्तियां, आवेदन निरस्त होने की स्थिति तथा अनावश्यक विलंब उत्पन्न हो रहा है। ऐसी स्थिति में दवा व्यापारियों को या तो अनिवार्य रूप से नया लाइसेंस आवेदन करने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है अथवा तकनीकी कारणों से उन्हें नियमों के उल्लंघन की स्थिति में दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविक दोष पोर्टल की प्रणालीगत खामी का है। यह स्थिति ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की उस मंशा के विपरीत है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं नियंत्रित औषधि व्यापार को प्रोत्साहित करना है, न कि तकनीकी खामियों के आधार पर लाइसेंसधारकों को दंडात्मक कार्यवाही के दायरे में लाना।
इसलिए जिला मेरठ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन मांग करती है कि पोर्टल में गोदाम लाइसेंस हेतु पृथक, स्पष्ट एवं विधिसम्मत विकल्प तत्काल जोड़ा जाए। पूर्व से जारी गोदाम, थोक एवं फुटकर दवा लाइसेंसों के नवीनीकरण हेतु सरल, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। जब तक पोर्टल में आवश्यक तकनीकी एवं प्रक्रियागत संशोधन पूर्ण नहीं हो जाते, तब तक केवल पोर्टल की खामी के आधार पर किसी भी दवा व्यापारी के विरुद्ध दंडात्मक अथवा प्रतिकूल कार्यवाही न की जाए। इस दौरान कोषाध्यक्ष मोहिउद्दीन गुड्डू , संगठन मंत्री सुनील अग्रवाल आदि मौजूद रहे।


