spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Thursday, February 26, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeउत्तर प्रदेशMeerut...देख लिजिए मेयर साहब- क्या यही है शहर का विकास ! मेरठ...

…देख लिजिए मेयर साहब- क्या यही है शहर का विकास ! मेरठ शहरवासियों की नहीं हो रही कोई सुनवाई

-

– गंदगी, कूड़े, जल भराव से निजात मांग रहे मेरठ शहरवासियों की नहीं हो रही कोई सुनवाई।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। जनसंख्या के मुताबिक, भले ही नगर निगम के पास सफाई कर्मचारियों की कमी हो। लेकिन, ऐसा भी नहीं है कि, जितने सफाई कर्मचारी नगर निगम के पास है, उनसे सफाई भी नहीं कराई जा सकती हो। यह बात हम नहीं बल्कि शहर के हालात कह रहे हैं। शहर के अधिकांश इलाकों कोतवाली क्षेत्र (कुरेशियान), कंकरखेड़ा (नंदपुरी), रशीद नगर, जमना नगर और गोकलपुर-सिसौली रोड, भूमिया का पुल, श्याम नगर, ऊंचा सद्दीक नगर, माधवपुरम, मलियाना, कंकरखेड़ा, हापुड़ रोड आदि में बदहाल बुनियादी ढांचे से जनता त्रस्त है। नालियों की सफाई न होने, सड़कों में गहरे गड्ढों, जलभराव और कूड़े के ढेरों के कारण संक्रामक बीमारियों, दुर्घटनाओं और भारी जाम जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो गई हैं, जिससे नागरिकों का जीना मुश्किल हो गया है।

 

 

रशीद नगर, लिसाड़ी रोड और खत्ता रोड पर कूड़े के पहाड़ और चोक नालियों के कारण नरकीय स्थिति बनी हुई है। बनिया पाड़ा में भी कूड़े से बदबू और सीवेज की समस्या है। भले ही खुद महापौर हरिकांत अहलूवालिया और नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी स्वच्छता के लाख दावे करते हो, लेकिन, गहरे गड्ढे और बदहाल सड़कें अब मेरठ शहर की तस्वीर बनती जा रही है।

 

 

गोकलपुर से सिसौली तक गढ़ रोड और हापुड़ रोड पर गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। टीपी नगर में भी टूटी सड़क के कारण निवासियों को कई हंगामा करना पड़ा। नगर निगम के कंकड़खेड़ा और नंदपुरी इलाकों में, साथ ही रोहटा के पास, नालियों की सफाई न होने से घरों के सामने पानी भर रहा है। जमना नगर में 40 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं की कमी है, वहीं कैली गांव में डेयरी संचालकों द्वारा सड़क पर गोबर और गंदा पानी बहाने से ग्रामीण परेशान हैं।

जलभराव और गंदे पानी के कारण डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कीचड़ और टूटी सड़कों के कारण पैदल चलने वालों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि, स्थानीय लोग लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन नगर निगम प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है। हापुड़ रोड पर जमना नगर चार दशकों से पुराना नगर निगम का क्षेत्र है, जहां सीवर लाइन है, पानी की लाइन भी है, लेकिन सभी बदहाल स्थिति में हैं। सीवर लाइन चोक पड़ें और पानी की पाइप लाइन में आजतक कभी पानी नहीं आया।

 

 

 

सड़कों की बात करें तो जहां बनी हैं वहां बदहाल स्थिति में हैं और कुछ जगह तो चलने लायक सड़क ही नहीं है। मानों शहर में होते हुए भी बदहाल और बेजार इलाका है। नालियां खत्म हो चुकी हैं और लोगों के घरों का पानी सड़कों पर बहता है। गंदगी के हाल ऐसे कि जहां खाली जगह है वहां बदबू और गंदगी ही नजर आती है। पानी में खड़े बिजली के खंभे मानों हादसों को दावत देते नजर आते हैं। यहां के लोग रोज जद्दोजहद में रहते हैं।हापुड़ रोड पर पीएसी कैंपस से चंद कदम पहले 40 फुटा रोड जमना नगर में जाता है। जहां सड़क की शुरुआत में ही मछली मार्केट है।

आगे जाते हैं तो कहीं सड़कें 25 फुटा तो कहीं 30 फुटा हैं। इस इलाके की बदहाली का अंदाजा शुरू में ही चालीस फुटा सड़क की बदहाली से लगाया जा सकता है। जहां ऊबड़ खाबड़ सड़क के बीच ऊफतना सीवर और जलभराव पूरी सड़क को कीचड़ से लबालब कर देता है। इस क्षेत्र में स्कूल और बड़ी संख्या में फैक्ट्रियां भी हैं। जमना नगर, नगर निगम का वह इलाका है, जो चार दशकों से शहर का हिस्सा होने के बावजूद आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है।

इस इलाके में जमीनी हकीकत इसकी असली कहानी बयां करती है। यहां की सड़कें, नालियां, सीवर और पानी की लाइनें, सब मिलकर एक ऐसी तस्वीर बनाते हैं, जिसे देखकर यही सवाल उठता है कि क्या यही विकास है। जमना नगर में 10 हजार से ज्यादा आबादी रहती है और पूरे इलाके में 7 हजार से अधिक वोटर्स हैं। यह इलाका नगर निगम के 36 नंबर वार्ड में आता है, लेकिन हैरानी की बात यह है, कि इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद यहां की समस्याएं वर्षों से अनसुनी हैं।

सबसे दर्दनाक सच्चाई यह है कि इलाके में बिछाई गई 10 साल पुरानी पानी की पाइप लाइन में आज तक पानी नहीं आया। घरों में उस पाइप लाइन में ज्वाइंट टंकियां तक लगी हैं, लेकिन उनमें कभी एक बूंद पानी तक नहीं आया। इस सड़क से गुजरने वाले वाहन कई बार फंस जाते हैं, जिनको किसी तरह मशक्कत के बाद निकाला जाता है। इस क्षेत्र में स्पोर्ट्स और अन्य सामान बनाने की भी फैक्ट्रियां हैं, मछली मार्केट के साथ कई अन्य दुकानें भी हैं। फैक्ट्रियों के चलते इस एरिया में बड़ी गाड़ियां आती जाती हैं। यह सड़क आगे जाकर बिजली बंबा बाइपास पर जाकर निकलती है। इसके बावजूद सड़क की हालत पूरी तरह बदहाल है, ई-रिक्शा और अन्य गाड़ियां पलट जाती हैं, लोग गिरते रहते हैं।

 

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,000,000FansLike
100,000SubscribersSubscribe

Latest posts