तीन बैंक खातों में देशभर से आती थी ठगी की रकम, एक ही नाम पर सभी खाते
बुलंदशहर। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने एक बड़े साइबर वित्तीय धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह तीन बैंक खातों के माध्यम से देशभर में ठगी कर रहा था। पुलिस ने सोमवार शाम 6 बजे इस नेटवर्क का पदार्फाश किया।
जांच में पता चला है कि धोखाधड़ी के लिए सेंट्रल बैंक, यूको बैंक और इंडियन बैंक में तीन खाते खोले गए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि ये तीनों खाते धमैड़ा अड्डा नयागांव निवासी कुमरपाल के नाम पर हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन खातों के जरिए देश के कई राज्यों में लोगों को ठगा जा रहा था। इन खातों में बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं, जिनके तार कई राज्यों से जुड़े हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए बुलंदशहर के साइबर क्राइम थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पुलिस अब इन खातों के बैंकिंग स्टेटमेंट और लेनदेन के इतिहास की गहनता से जांच कर रही है, ताकि ठगी की कुल राशि और इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
बुलंदशहर के एसपी क्राइम नरेश कुमार ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और पुलिस की टीमें गहनता से जांच कर रही हैं। इस नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह केवल एक स्थानीय धोखाधड़ी का मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित साइबर अपराध का हिस्सा है। ठग ग्रामीण या सीधे-साधे लोगों के नाम पर ‘म्यूल अकाउंट’ खुलवाते थे और फिर देशभर से ठगी गई रकम को इन खातों में स्थानांतरित करते थे। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश में जुट गई है।