HomeTrendingवाटर कैनन सैल्यूट के साथ मिग 21 विदा

वाटर कैनन सैल्यूट के साथ मिग 21 विदा

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नई दिल्ली। मिग 21 को पानी की बौछार से अंतिम सलामी दी जा रही है। इसी के साथ मिग की गर्जना शांत हो गई। विदाई समारोह में सूर्य किरण एरोबेटिक टीम ने अपनी प्रस्तुति शुरू की। अलविदा उड़ान को देखकर इन्हें उड़ाने वाले पूर्व वायु सैनिक भावुक हो गए। कुल छह मिग विमान ने आसमान में आखिरी बार ताकत दिखाई।

सातवीं महिला पायलट स्कवाड्रन लीडर प्रिया शर्मा ने भी मिग 21 उड़ाया। पैंथर फॉरमेशन के सभी विमान एयरबेस पर लौटे। वायु सेना अध्यक्ष एपी सिंह ने मिग 21 के टेल नंबर 2777 के साथ एयरबेस पर लैंड किया। यह उनकी मिग 21 के साथ अंतिम उड़ान थी। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मिग 21 ने हमेशा बेहतर प्रदर्शन किया है। अपने समय की तकनीक के हिसाब से मिग सबसे बेस्ट था। मिग को लंबे समय तक हमारी वायुसेना का भरोसा मिला। हमारी जिम्मेदारी है कि हम इसकी लिगेसी को सेलिब्रेट करें।

उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ से मिग का सफर शुरू हुआ था। चंडीगढ़ उस गौरवशाली पल का गवाह है। मिग को बर्ड आॅफ आल सीजन कहा जाता है, क्योंकि इसने हर समय अपनी उपयोगिता सिद्ध की। रक्षा मंत्री ने कहा कि मिग 21 महज एक विमान नहीं है, यह भारत-रूस संबंधों का प्रमाण है।
राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री ने कहा कि आपकी वीरता की यह जो यात्रा रही है इसके पीछ मैं समझता हूं कि मिग-21 का बहुत बड़ा योगदान रहा है। आज जब हम मिग-21 को इसकी आॅपरेशनल जर्नी से विदाई दे रहे हैं तो मुझे लगता है हम एक ऐसे अध्याय को विदा करने जा रहे हैं जो न केवल भारतीय वायुसेना के इतिहास में बल्कि हमारी सैन्य टीम की जर्नी में गोल्डन लेटर से लिखा जाएगा।

थल सेना अध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि मिग-21 की विदाई को लेकर भावुक महसूस कर रहा हूं। यह बहुत ताकतवर था। पूर्व वायुसेना अध्यक्ष बीएस धनोआ ने कहा कि मिग 21 ने वायु सेना को बहुत मजबूत बनाए रखा। इसकी कमी खलेगी लेकिन समय के साथ-साथ नए जंगी जहाज भी ताकत बढ़ाएंगे। मिग की ताकत का लोहा दुश्मन भी मानता था और आज तक घबराता था।

 

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