अतुल प्रधान बोले- मैं यहां का विधायक अपने क्षेत्र की जनता से मिलकर रहूंगा।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। थाना सरधना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के मामले को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। हालांकि, हालात को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
कपसाड़ कांडः महिला की हत्या व बेटी का अपहरण, गिरफ्तारी को पुलिस की छापेमारी, राजनीतिक रंग लेती घटना !
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वहीं, घटना से आक्रोशित समाजवादी पार्टी से सरधना विधायक अतुल प्रधान शुक्रवार को समर्थकों संग पीड़ित पक्ष के लोगों से मिलने पहुंचे। लेकिन पुलिस प्रशासन ने रास्ते में ही उन्हें रोक लिया और मार्ग पर बेरिगेडिग लगा दी।
पीड़ित परिजनों से रोके जाने से गुस्साए समर्थकों ने सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सभी समर्थक अतुल प्रधान के साथ वहीं धरने पर बैठ गए और काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इस दौरान सरधना विधायक अतुल प्रधान ने साफ कहा कि जब तक उन्हें पीड़ित पक्ष के लोगों से मिलने नहीं दिया जाएगा, तब तक वह नहीं उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि मेरी जिम्मेदारी बनती है कि, यह मेरा क्षेत्र है और मैं यहां से विधायक हूं बावजूद इसके अगर पुलिस मुझे पीड़ित परिजनों से मिलने से रुकती है तो इसे किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसकी शिकायत वह विधानसभा में करेंगे। दरअसल, घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और अपहृत युवती की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर महिला के अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया है।
परिजनों का कहना है कि, जब तक दोषियों को गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई नहीं की जाती और बेटी को सुरक्षित वापस नहीं लाया जाता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। सूचना मिलने पर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और नाबालिग बेटी की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। हालात सामान्य बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।


