– रात भर चलीं बैठकें, सुबह हटाए बोर्ड, दुकानें खाली की, शटर के आगे खड़ी की दीवार, चिन्हित स्कूलों में हुई छुट्टी, अस्पतालों से शिफ्ट हो रहे मरीज।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोमवार रात भारी अफरा-तफरी का माहौल रहा। सीलिंग और सख्त कार्रवाई की आशंका के चलते व्यापारियों, अस्पताल संचालकों और अन्य प्रतिष्ठान संचालकों ने देर रात तक अपनी व्यावसायिक गतिविधियां समेटनी शुरू कर दीं। सुबह से ही क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। दमकल गाड़ियां भी मौके पर मौजूद हैं। वहीं व्यापारी बड़ी संख्या में सेंट्रल मार्केट में जमा हुए। सपा विधायक अतुल प्रधान भी व्यापारियों के बीच पहुंचे हैं। रात में डॉ. अशोक गर्ग के अस्पताल में संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें भर्ती मरीजों का पूरा ब्योरा तैयार किया गया। इसके बाद कम गंभीर मरीजों को आसपास के अस्पतालों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। हालांकि गंभीर मरीजों को फिलहाल अस्पताल में ही रखा गया है। कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि अब किसी भी नए मरीज को भर्ती न किया जाए।
दूसरी ओर दुकानों और शोरूमों के संचालकों ने भी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए रात में ही अपने बड़े-बड़े कमर्शियल बोर्ड उतरवाने शुरू कर दिए। बुलडोजर और क्रेन की मदद से कई प्रतिष्ठानों के बोर्ड हटाए गए। शास्त्रीनगर स्कीम नंबर-7 में नोटिस की जद में आए प्रतिष्ठानों के बाहर देर रात तक व्यापारियों का जमावड़ा लगा रहा।
सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों में सीलिंग को लेकर गहरी चिंता देखी गई। कई व्यापारी पूरी रात बाजार में ही डटे रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी। व्यापारियों का कहना है कि जब तक अदालत का लिखित आदेश स्पष्ट रूप से सामने नहीं आता, तब तक वे सतर्कता के तौर पर कदम उठा रहे हैं।
कई व्यापारियों ने खाली की दुकानें
सीलिंग की आशंका के चलते कई दुकानदारों ने रातोंरात अपनी दुकानें खाली कर दीं। इस दौरान कई थानों की पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। संयुक्त व्यापार संघ के उपाध्यक्ष तरुण गुप्ता ने बताया कि बाजार में बैरिकेडिंग की जा रही है और कई थानों की पुलिस तैनात है, जिससे व्यापारियों में दहशत का माहौल है। उन्होंने कहा कि जब तक अदालत का लिखित आदेश नहीं आता, तब तक कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

व्यापारियों का आर-पार की लड़ाई का एलान
सेंट्रल मार्केट के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए संयुक्त व्यापार संघ और उससे जुड़े करीब 665 व्यापारिक संगठनों ने प्रयास तेज कर दिए हैं। सोमवार रात करीब 11:30 बजे संगठन महामंत्री संजय जैन के शास्त्रीनगर स्थित कार्यालय में व्यापारियों, स्कूल प्रबंधन और अस्पताल संचालकों की बैठक हुई।

संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों को बार-बार संकट का सामना करना पड़ रहा है और उनकी रोजी-रोटी पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने पूरे शहर के व्यापारियों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की और कहा कि वे दूसरी बार अपने प्रतिष्ठानों को टूटते हुए नहीं देख सकते। बैठक में तरुण गुप्ता, संजीव अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, कंवलजीत, शैली वर्मा, देवेंद्र, सचिन और विजय समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।
इसी बीच संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता भी व्यापारियों के बीच पहुंचे और उन्होंने जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग को सेंट्रल मार्केट की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि 24 घंटे के भीतर सब कुछ सील करने की प्रक्रिया उचित नहीं है।
वहीं व्यापारी नेता अंकुर गोयल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सर्वोपरि है, लेकिन इसका समाधान ऐसा होना चाहिए जिससे व्यापारियों की आजीविका सुरक्षित रह सके। उन्होंने प्रधानमंत्री से भी व्यापारियों के हित में हस्तक्षेप की अपील की।
ध्वस्तीकरण से पहले दमकल और पुलिस फोर्स तैनात
शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर मंगलवार सुबह से ही प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आई। बाजार में कई स्थानों पर दमकल की गाड़ियां तैनात कर दी गईं, जबकि भारी संख्या में पुलिस बल भी मुस्तैद है। वहीं व्यापारियों का कहना है कि यदि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होती है तो हम यहां शाम को सैकड़ों की संख्या में एकत्र होकर अपनी बात रखेंगे।


