– आवास विकास के अधिकारियों की होगी बैठक, भू- उपयोग बदलने के लिए दिए गए हैं नोटिस
शारदा रिपोर्टर मेरठ। सेंट्रल मार्केट पर ध्वस्तीकरण के प्रकरण में अभी व्यापारियों को एक राहत भरा नोटिस मिला है जो भू- उपयोग बदलने का है। नई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के अंतर्गत वास्तुविद नियोजक की ओर से 80 व्यापारियों को राहत देते हुए शमन शुल्क जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत हर सेक्टर और ब्लॉक के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। हालांकि ध्वस्तीकरण होगा या नहीं यह अभी स्पष्ट नहीं है।

रविवार को भी दिनभर पूरा मेन सेंट्रल मार्केट बाजार सूना रहा। व्यावसायिक भूखंडों पर बनी दुकानें दोपहर बाद खुलीं, लेकिन खरीदार नदारद रहे। अरोड़ा गारमेंट्स के सामने ही खाली स्थान पर कुर्सी लगाकर धरने पर व्यापारी बैठे रहे। पूरे बाजार में श्रमिक लगाकर दुकानों के बोर्ड, स्ट्रक्चर आदि हटाने का काम किया जाता रहा। भीतरी इलाकों में खोली गई दुकानों को भी शटर हटाकर बंद किया जाता रहा। बाजार में रविवार को दिनभर दुकानें खाली करने के साथ ही शटर हटाकर दीवार, दरवाजे और खिड़की लगाने का काम हुआ। हालांकि शाम को नोटिस आने के बाद व्यापारियों के चेहरे पर रौनक आई और उन्होंने खुशी मनाते हुए होली भी खेली।
परिषद ने सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण को सोमवार को फोर्स मांगा हुआ है। विभाग ने पिछले साल द रिलायबल कंपनी को 85 लाख रुपये में 661/6 व 31 अन्य व्यावसायिक भूखंडों में किए गए निर्माण के ध्वस्तीकरण का ठेका दिया गया था। बीते साल 25 व 26 अक्तूबर को 661/6 का ध्वस्तीकरण हो गया। विभाग ने कंपनी को मशीनें लेकर आने को निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को व्यापार को लेकर विभाग की ओर से तस्वीर साफ होने की संभावना है।
सेंट्रल मार्केट के लिए 36 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से व्यापारियों को भुगतान करना होगा। इसके अलावा नियम अनुसार सेट बैक भी छोड़ना होगा। यह जानकारी मिलने के बाद खुशी से झूमे व्यापारियों ने गुलाल उड़ाकर होली खेली। यह भी कहा जा रहा है कि इस आदेश से बड़े व्यापारियों को तो राहत मिल जाएगी, लेकिन छोटे व्यापारियों की परेशानी खत्म नहीं होगी।
शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण को लेकर व्यापारियों की नींदें उड़ी हुई थीं। पिछले दो दिन से मेन सेंट्रल मार्केट बाजार बंद कर व्यापारी धरने पर बैठे हुए थे, वहीं सुबह बाजार बंद कराने को लेकर व्यापारी दो फाड़ हो गए। तिरंगा व्यापार संघ की ओर से बाजार बंद नहीं करते हुए लगातार दुकानें खोली गई।

