– जैश ए मोहम्मद संगठन से जुड़े मौलाना का चाचा दिल्ली आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान में।
गाजियाबाद। मुस्लिम बाहुल्य गांव नाहल से 2 दिन पहले अरेस्ट किए गए जैश ए मोहम्मद संगठन से जुड़े 6 लोगों को रिमांड पर लेकर जल्द ही पूछताछ की जाएगी। इस मामले में पुलिस अधिकारी भी जांच पड़ताल कर रहे हैं। गैंग की कमान मस्जिद के मौलाना और किराना की दुकान चलाने वाले पर है, जहां व्हाट्सएप चैट और देश विरोधी गतिविधियां सामने आईं हैं। पुलिस और इनवेस्टिगेशन टीम जांच कर रही है कि मौलाना जावेद का पाकिस्तान से क्या कनेक्शन है, जावेद का चाचा पिछले 28 साल से फरार है जो पाकिस्तान में रह रहा है।

पुलिस के अनुसार मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव के 6 लोगों को 12 मार्च को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इनमें एक दुकानदार, एक लॉ का छात्र, गाजियाबाद कचहरी का वकील, एक नाहल की मस्जिद में मौलाना और दो मजदूर हैं। जावेद 6 साल तक नाहल गांव की मस्जिद का मौलाना रहा है। वह शावेज उर्फ जिहादी के साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधियां में शामिल था, जहां बड़ी वारदात की प्लानिंग भी इनके द्वारा की जा रही थी। पुलिस की जांच में आया है कि यह अभी तक वाट्सएप चैट से पता चला है।
पुलिस और खुफिया विभाग की जांच में आया है कि मौलाना जावेद का चाचा उबेदुल्लाह साल 1998 से फरार है, जो पाकिस्तान में रह रहा है। यह भी पुलिस की जांच में आया है कि दिल्ली में आतंकी घटना के बाद से वह फरार हुआ था। जो इस समय पाकिस्तान के इस्लामाबाद में रह रहा है। जावेद से पूछताछ में भी यह बात सामने आई है।
यह भी पुलिस की जांच में आया है कि जावेद के चाचा उबेदुल्लाह का संपर्क आतंकी करीम उर्फ टूंडा से रहा है। करीम उर्फ टूंडा 2013 में अरेस्ट किया गया था। जावेद के मोबाइल से कुछ चैट डिलीट भी हुई है, पुलिस अब इस मोबाइल को एफएसएल भेजेगी।
यह जांच की जा रही है कि जावेद का पाकिस्तान में अपने चाचा उबेदुल्लाह से क्या कनेक्शन है, वह कभी मिले तो नहीं है, या व्हाटसएप कॉल या इंटरनेट कॉल के माध्यम से बात तो नहीं हुई। पकड़े गए सभी 6 आरोपियों का पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट, व्हाट्एसप चैट, बैंक खातों की जांच, आतंकी संगठनों से कनेक्ट होने पर जांच कर रही है। देश विरोधी किन किन गतिविधियों में कैसे जुड़े। विदेशी फंडिंग की भी जांच की जा रही है।
आतंकी गैंग में शामिल होना चाहता था शावेज उर्फ जिहादी
पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि पकड़े गए 6 लोगों का ग्रुप लीडर ने अपना नाम शावेज से जिहादी रख लिया था। वह हर दिन अपने फोन से डेटा डिलीट कर करता था, पुलिस के एक्सपर्ट ने कुछ डेटा रिकवर कर लिया है, जिसकी जांच की जा रही है। शावेद उफ जिहादी आतंकी गैंग में शामिल होना चाहता था। गाजियाबाद में एक्स मुस्लिम यू ट्यूबर सलीम वास्तिक पर हमला करने वाले गुलफाम और जीशान को लेकर भी चैट मिली। शावेज उर्फ जिहादी कोड वर्ड में ग्रुप में मैसेज लिखता और ग्रुप के सदस्यों को वाट्सएप कॉल करता था।
यह आया अभी तक चैट में
‘हमारी कौम पर अत्याचार हो रहे, हमसे बाबरी मस्जिद छीन ली और हमने कुछ नहीं किया। हमें ही पीटा और हमें जेल भेजा गया। हम आखिर मुल्क में कब तक चुप रहेंगे। मुसलमानों को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है। हमारी कौम के घर तोड़े जा रहे हैं। हम अपने घरों में बैठे रहेंगे।’ आरोपियों यह भी पुलिस को बताया कि हम यूट्यूब पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की वीडियो देखते थे। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर देश विरोधी संदेश शेयर करते थे। नमाज के बाद मस्जिद के बाहर कश्मीर और बाबरी मस्जिद जैसे मुद्दों पर चर्चा करते थे।

