जवान पकड़े था कार्बाइन, अचानक फायर हुए, गोली सड़क पर लगी, पत्थर उखड़कर लगने से तीन जख्मी
वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट पर शनिवार सुबह 6 बजकर 44 मिनट पर ड्यूटी के दौरान पीएसी जवान के हाथ से कार्बाइन चल गई। करीब दो राउंड फायर हो गए। गनीमत रही कि गोलियां सीधे सड़क पर जा लगीं। इसके बाद सड़क की गिट्टी उखड़कर लगने से 3 लोग घायल हो गए।
अचानक भीड़ के बीच गोलियां चलने से वहां भगदड़ जैसा माहौल बन गया। कुछ देर किसी को समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। गोलियों की आवाज सुनकर सुरक्षाकर्मी अलर्ट हो गए। उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। लोगों को बताया कि गलती से गोलियां चल गई हैं। बाकी, सबठीक है।
पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में तीनों घायल निक्की गुप्ता, रामबाबू और विकास यादव को अस्पताल पहुंचाया। ये सभी मंदिर के बाहर माला-फूल बेचते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, सभी ठीक हैं। खतरे से बाहर हैं। दो के हाथ में और तीसरे को कमर में पत्थर के टुकड़े लगे हैं। हादसा काशी विश्वनाथ मंदिर के वीआईपी गेट नंबर-4 पर हुआ।
घटना का 57 सेकेंड का उउळश् सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि सिपाही 6 बजकर 44 मिनट पर नंदू फेरिया गेट के ठीक सामने खड़ा है। यहां पर दुकान पर कुछ लोग माला-फूल खरीदने के लिए खड़े हैं। इस दौरान दिख रहा है कि सिपाही ने पहले अपने बाएं हाथ में कार्बाइन पकड़े हुए है। थोड़ी ही देर में उसने कार्बाइन को दाहिने हाथ में पकड़ लिया। तभी उसके गोली चल जाती है।
इतने में सिपाही को कुछ समझ में नहीं आता कि ये क्या हो गया। वो तुरंत अपने कार्बाइन को देखने लगता है और फिर वहां से निकल जाता है। इस दौरान वहां अफरातफरी का माहौल हो जाता है।
डीआईजी शिव हरि मीणा कबीरचौरा अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया। उन्होंने बताया- काशी विश्वनाथ धाम के पास नंदू फेरी वाली गली में पीएसी का जवान श्रद्धालुओं की भीड़ को हटा रहा था। तभी कार्बाइन से एक्सीडेंटल फायर हुआ। सभी चीजों की जांच की जा रही है। घायलों को डॉक्टरों ने दवा दी है। सभी की हालत खतरे से बाहर है।
2027 में रिटायर होने वाला था जवान
अमरनाथ चौहान 48वीं वाहिनी पीएसी में तैनाती थी। वह 1987 बैच के जवान हैं। 2027 में अमरनाथ रिटायर होने वाले हैं। सुबह ड्यूटी के दौरान में हाथ में कार्बाइन पकड़ने के दौरान गोली चल गई।