Homeउत्तर प्रदेशMeerutकपसाड़ मामला: प्राइमरी टीचर से 20 को जिरह करेंगे रूबी के वकील

कपसाड़ मामला: प्राइमरी टीचर से 20 को जिरह करेंगे रूबी के वकील

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– कपसाड़ मामले की सुनवाई के दौरान जेजे बोर्ड में तलब प्राइमरी टीचर ने रखा पक्ष।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। कपसाड़ मामले में मंगलवार को प्राइमरी टीचर ने जेजे बोर्ड के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। बयान दर्ज होने के बाद रूबी के एडवोकेट ने टीचर से जिरह का समय मांगा। बोर्ड ने 20 मार्च का समय बहस के लिए निर्धारित किया है। चर्चा है कि प्राइमरी टीचर के पास उम्र से जुड़ा पक्का कोई रिकार्ड नहीं है। शुरूआती जो जानकारी दी गई है, उससे आरोपी की उम्र निर्धारित नहीं हो पा रही।

 

 

सरधना के कपसाड़ गांव में 8 जनवरी को दलित महिला सुनीता की हत्या कर उसकी बेटी रूबी को अगवा किया गया। आरोप गांव के ही दूसरे समाज के युवक पर लगे, जिसने विरोध देख वारदात को अंजाम दिया। गांव में तनाव बढ़ गया। पुलिस ने दो दिन के भीतर दोनों को बरामद कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल और युवती को काउंसलिंग के बाद परिजनों की सुपुर्दगी में घर भेज दिया।

आरोपी के सलाखों के पीछे जाने के बाद खुलासा हुआ कि वारदात के वक्त वह नाबालिग था। तीन एडवोकेट संजीव राणा, बलराम सोम और विजय शर्मा ने आरोपी का केस लड़ने का ऐलान किया। तीनों ने कोर्ट के समक्ष आरोपी की उम्र से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए मामले की सुनवाई जेजे बोर्ड में किए जाने की पैरवी की।

10 जनवरी को आरोपी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया। 14 जनवरी को तीनों अधिवक्ताओं ने यह याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया। 7 सुनवाई तारीखों में दोनों पक्षों ने अपनी बात रखीं। आरोपी पक्ष को सफलता मिली और केस 9 फरवरी को जेजे बोर्ड ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि उम्र निर्धारण का पेच अभी भी फसा है।

बोर्ड ने तलब किये प्राइमरी के दस्तावेज

कपसाड़ मामला बेहद संवेदनशील रहा है। वारदात के बाद गांव में लंबे समय तनाव रहा। पुलिस फोर्स को तैनात करना पड़ा था। ऐसे में बोर्ड भी मामले में किसी भी तरह की जल्दबाजी के मूड में दिखाई नहीं पड़ता। इसी के चलते 10 मार्च को बोर्ड ने आरोपी की जन्मतिथि निर्धारित करने के लिए उसके प्राइमरी के दस्तावेज भी तलब कर लिए।

प्राइमरी टीचर ने दर्ज कराए बयान

मंगलवार को कपसाड़ गांव के प्राइमरी स्कूल के टीचर वीरेंद्र कुमार ने जेजे बोर्ड के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए पेश हुए। उनके बयान दर्ज होने के बाद वादी एडवोकेट ने प्राइमरी टीचर से जिरह की इच्छा जाहिर की। वादी एडवोकेट ने कहा कि मामला बेहद रोचक मोड़ पर है। ऐसे में जिरह बेहद जरूरी है। इसके बाद बोर्ड ने जिरह के लिए 20 मार्च का समय निर्धारित करते हुए टीचर को 20 को पुन: बोर्ड के समक्ष पेश होने के आदेश जारी कर दिए।

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