– आवास एवं विकास परिषद ने सील लगाने का नोटिस किया जारी, व्यापारी विरोध में उतरे।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। सेंट्रल मार्केट के कांप्लेक्स ध्वस्तीकरण का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि एक नया मामला सामने आ खड़ा हुआ है। डेढ़ माह पहले ही खोले एक बड़े ज्वैलरी शोरूम पर सील लगाने का आदेश आवास एवं विकास परिषद ने कर दिया है। आदेश के अनुसार 17 नवंबर को को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।

जैना ज्वैलर्स ने शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट स्थित अपने आवास को व्यवसायिक निर्माण में तब्दील कराते हुए नया शोरूम खोला है। जिसका शुभारंभ डेढ़ माह पहले 22 सितंबर को अभिनेत्री और भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने किया था। इस शोरूम का उद्घाटन होते ही यह विवादों के घेरे में आ गया था। क्योंकि एक तरफ जहां पहले से ही सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने से हंडकंप मचा था। उसके बीच यह नया शोरूम खुल गया। जिससे आवास एवं विकास परिषद के अधिकारी भी सवालों के घेरे में आ गए।

शिकायत के बाद आवास एवं विकास परिषद ने जैना ज्वैलर्स के मालिकों को 23 सितंबर को ही अवैध निर्माण का नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था। लेकिन शोरूम मालिकों की तरफ से न तो कोई मानचित्र स्वीकृति के अभिलेख दिए गए और न ही नोटिस का जवाब दिया गया। जिसके चलते अपनी गर्दन बचाने के लिए बुधवार को आवास एवं विकास परिषद की तरफ से जैना ज्वलैर्स के इस नये शोरूम को सील करने का आदेश जारी किया गया है।
व्यापारियों में मचा हड़कंप: आवास विकास परिषद के इस आदेश के बाद शांत व्यापारियों में फिर से हडकंप मच गया है। गुरूवार को आदेश चस्पा होते ही व्यापारी नेता खुली जीप में व्यापारियों के बीच शुक्रवार को इसी मामले को लेकर बैठक करने का ऐलान करते नजर आए। जिसमें कहा गया कि अब वो किसी भी कीमत पर सील या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं होने देंगे।
आसान नहीं है सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को राहत मिलना: वहीं दूसरी और भाजपा के विधायक और सांसद सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को अवैध निर्माण से राहत दिलाने में जुटे हैं। लेकिन कानूनविदों की मानें तो यह काम असंभव नहीं तो बहुत मुश्किल जरूर है। क्योंकि अभी तक देश में ऐसी कोई भी आवासीय या व्यवसायिक नीति लागू नहीं हुई है, जिसके तहत भूउपयोग परिवर्तन के तहत आने वाले निर्माणों को राहत मिल सके।
क्योंकि दिल्ली में कई बाजार ऐसे ही मामलों की चपेट में आ चुके हैं। ताजा मामला कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को लेकर वहां के व्यापारी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने व्यापारियों को न केवल जमकर लताड़ लगाई, बल्कि भविष्य में प्रत्येक निर्माण पर बैंक लोन को लेकर भी गाइड लाइन जारी कर दी। ऐसे में सेंट्रल मार्केट प्रकरण फिलहाल जरूर ठंडे बस्ते में हो, लेकिन इसका जिन्न कभी भी बाहर आ सकता है।


