शारदा रिपोर्टर मेरठ। दहिया की शिव मंदिर के महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी शिष्य महामंडलेश्वर यति नरसिंहानन्द गिरी महाराज के नेतृत्व में अपने गुरु भाई यति परमात्मानंद गिरी, यति सत्यमित्रानंद गिरी व शिष्यों के साथ यूजीसी के विरोध में सर्वानंद घाट हरिद्वार से दिल्ली रामलीला मैदान तक विशाल पदयात्रा चौथे दिन गुरुवार को दौराला पहुंची। इस दौरान उन्होंने यूजीसी कानून के विरोध में हरिद्वार से दिल्ली तक संत समाज की पैदल यात्रा को मेरठ में समर्थन देते हुए कहा कि, केंद्र सरकार तत्काल यूजीसी काला कानून को वापिस नहीं लिया तो यह आंदोलन नरसंहार को जन्म दे सकता है। क्योंकि, इस कानून के आने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि, हिन्दू समाज को जाति में बांटने के लिए यह यूजीसी कानून लाया गया है। जिसको देखते हुए हम इस कानून को हर हाल में वापिस कराकर रहेंगे। हम हिन्दू समाज को ऐसे कानून से बटने नहीं देंगे।

उन्होंने कहा कि, केंद्र सरकार यूजीसी का कानून नहीं ला रही पूरे हिन्दू समाज की मौत ला रही है और हम ऐसे हिन्दू समाज को मरने नहीं देंगे। वहीं, अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा संगठन के क्षेत्रिय अध्यक्ष धर्मेंद्र मलिक नें केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बोले कि, केंद्र सरकार की सीडी बनने के कारण यूजीसी रद्द नहीं कर सकते। आज यूजीसी काला कानून के विरोध में पदयात्रा दहिया की शिव मंदिर के महंत और महामंडलेश्वर यति नरसिंहानन्द गिरी महाराज के शिष्य महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी अपने गुरु भाई यति परमात्मानंद गिरी, यति सत्यमित्रानंद गिरी और अपने शिष्यों के साथ सर्वानंद घाट हरिद्वार से दिल्ली रामलीला मैदान तक पदयात्रा चौथे दिन दौराला मेरठ पहुंची।
इस दौरान उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि, यूजीसी काला कानून हम सभी सनातनी हिंदू बहन बेटीयों और सनातन धर्म का डेथ वारंट है। यूजीसी से हिंदू आपस में लड़कर समाप्त हो जायेगा। फिर गजवा ए हिंद के लिए रास्ता साफ हो जाएगा और फिर भारत का कोई प्रधानमंत्री मुसलमान हो जायेगा। उन्होंने कहा कि, ऐसा लगता है कि, वर्तमान सरकार ने हम सभी सनातनी हिंदुओं के लिए कत्ल का फरमान जारी कर दिया है। यदि तत्काल यूजीसी काला कानून वापिस नहीं लिया तो भारत में गृहयुद्ध छिड़ जायेगा और फिर भारत में हिंदुओं के साथ वहीं होगा जो अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ बांग्लादेश, पाकिस्तान, लिबिया, सिरिया और अफगानिस्तान में हो रहा है।
उन्होंने कहा कि, हम सभी यति शिष्यों ने प्रण लिया है कि, या तो सरकार हम सभी को मार दे। या फिर यूजीसी काला कानून तत्काल वापिस ले। हम अपने सनातन धर्म और सनातनी हिंदुओं को बचाने के लिए प्राण दे भी सकते हैं और ले भी सकते हैं।
उन्होंने कहा कि, इस काले कानून को वापिस लेने के लिए यह पदयात्रा सर्वानंद घाट हरिद्वार से शुरू हुई थी। जो हरिद्वार से चलकर 8 मार्च को दिल्ली रामलीला मैदान में पुर्ण होगी। उन्होंने कहा कि, हम यति सन्यासी हिंदुओं का दिया हुआ खाते हैं। हम अपने सनातनी हिंदुओं को बचाने के लिए मर मिटेंगे। लेकिन इस काले कानून को लागू नहीं होने देंगे।
पदयात्रा मेरठ के दौराला पहुंचने पर जग सरन कौशिक, भानु प्रताप भाटी, ओमकार उपाध्यक्ष, विनित शर्मा, पंडित भोला दत्त शर्मा, मुनेश राघव, मुकेश ठाकुर, पंडित सौरभ सिवाय, मयंक शर्मा, वासु शर्मा ने सभी का स्वागत कर आशीर्वाद लिया।


