शारदा रिपोर्टर मेरठ। पुलिस ने मुझे अपराधी बनाने की कोशिश की। बिना किसी छानबीन और जांच के हिरासत में ले लिया और 24 घंटे तक प्रताड़ित भी किया। यह कहना है 2008 में यूपीएससी क्रैक करने वाले मेरठ फूलबाग कालोनी निवासी राहुल कौशिक का। जो खुद के साथ हुए दुर्व्यवहार के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने रात भर थाने में रखने के बाद अगले दिन शाम 5 बजे तक प्रताड़ित किया गया। मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल ने बताया कि, वह इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे। पुलिस ने अनधिकृत तरीके से एक आईएएस अफसर को थाने में रखा और प्रताड़ित किया है।
बता दें कि, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने इस पूरे मामले को लेकर प्रेसवार्ता की थी। उन्होंने बताया था कि, सीओ सिविल लाइन्स अभिषेक तिवारी ने मामले में जांच की थी। हालांकि, राहुल का कहना है कि, चंद घंटे में पुलिस ने उनके बारे में पता लगा लिया। जबकि हकीकत यह है कि कांस्टेबल से लेकर सीओ तक कोई भी इस मामले में पूछताछ करने नहीं आया।
पुलिस की प्रताड़ना के बाद राहुल कौशिक का परिवार दहशत में है। वह बताते हैं कि लगभग 24 घंटे पुलिस ने उन्हें हिरासत में रखा और फिर छोड़ दिया। अब 24 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं। अभी भी पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी का कारण नहीं बताया है।
राहुल कौशिक ने बताया कि उनसे किसी व्यक्ति द्वारा मदद मांगी गई थी। उस व्यक्ति की मदद करने के लिए ही उन्होंने पुलिस के एक बड़े अधिकारी को फोन मिलाया। इसके कुछ देर बाद ही 10 से 12 लोग घर में घुस आए। उन लोगों ने बताया कि वह पुलिस डिपार्टमेंट से ही है।
हालांकि, राहुल यह नहीं बता सके कि उन्होंने किस अफसर को फोन किया था। रात भर राहुल कौशिक को थाने में रखा गया। अगले दिन पुलिस ने उनको लेकर एक प्रेस वार्ता की और उनके फर्जी आईएएस अफसर होने का दावा किया। एक मुकदमा भी चुपके से राहुल के खिलाफ दर्ज कर दिया गया। जिसकी राहुल को भनक तक नहीं लगी। लेकिन जैसे ही पुलिस को पता चला डिपार्टमेंट में खलबली मच गई। 24 घंटे होने से पहले ही उन्हें 151 की कार्रवाई के बाद छोड़ दिया गया।

