मोबाइल चार्जिंग लगाते समय खुले तार पर पड़ा पैरा, 15 मिनट तक छटपटाते रहे
शाहजहांपुर। करंट लगने से पतिझ्रपत्नी की मौत हो गई। हादसा शुक्रवार देर रात 12:30 बजे उस वक्त हुआ, जब पति मोबाइल चार्ज करने के लिए चार्जर बिजली बोर्ड के शॉकेट में लगा रहा था।
तभी फर्राटा फैन के नंगे तार से चिपक गया। पति को करंट से चिपका देख, पत्नी बचाने को दौड़ी, पर हाथ लगाते ही वह भी करंट की चपेट में आ गई। 5 मासूम बच्चों की आंखों के सामने ही उनके दोनों माताझ्रपिता करीब 15 मिनट तक करंट से चिपके रहे।
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। घर का मेन स्विच बोर्ड बंद करके पतिझ्रपत्नी को करंट से अलग किया। तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला जिला मुख्यालय से 37 किलोमीटर दूर जलालाबाद थाना क्षेत्र की है।
जलालाबाद थाना क्षेत्र के कसारी गांव निवासी खेती-बाड़ी करते थे। 14 साल पहले उनकी शादी कुसुमा देवी (37) से हुई थी। दोनों के 5 बच्चे नितिन (12), विवेक (11), शोभित (8), आरूषी (5) और संध्या (4) हैं। बड़े बेटे नितिन ने बतायाझ्र शुक्रवार रात 10:30 बजे सबने साथ में खाना खाया था। इसके बाद पापाझ्रमम्मी कमरे में सोने के लिए चले गए थे। रात करीब 12:30 बजे उठे और मोबाइल को चार्ज में लगाने के लिए जा रहे थे।
बिजली बोर्ड के शॉकेट में चार्जर लगाने के दौरान उनका पैर फरार्टा पंखे के नंगे तार पर पड़ गया। नंगे पैर होने के कारण वे करंट की चपेट में आ गए। पापा को करंट से चिपका देख मम्मी चीखीं और बचाने के लिए दौड़ीं। पर पापा को छूते ही वो भी करंट से चिपक गईं।
मम्मी की चीख सुनकर मैं और छोटा भाई भी कमरे में गए। देखा तो दोनों करंट से चिपके हुए छटपटा रहे थे। हमने चिल्लाकर पड़ोसियों को बुलाया। पड़ोसियों ने घर के मेन बिजली बोर्ड से एमसीबी गिराकर सप्लाई बंद की और फिर पापा-मम्मी को करंट से अलग किया।
पड़ोसियों की मदद से हम लोग दोनों को पास के सीएचसी में लेकर गए, पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
जलालाबाद थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि फर्राटा पंखे में करंट आने से पति-पत्नी की मौत हुई है। दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को भी दे दी गई है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।