– गंगा एक्सप्रेसवे पर खरखौदा के पास बने इंटरचेंज, दस करोड़ रुपये से अधिक होगा भुगतान।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। क्षेत्रीय ग्रामीणों की मांग पर यूपीडा ने गंगा एक्सप्रेसवे से हापुड़-किठौर मार्ग को जोड़ने के लिए गांव अटौला में इंटरचेंज बनाने का निर्णय लिया था। जैसे ही जमीन खरीद शुरू हुई, किसानों ने सीमांकन पर सवाल खड़े कर दिए।
किसानों को मनाने के लिए लखनऊ से यूपीडा अधिकारियों की टीम भी मेरठ आई। अब नए सिरे से सीमांकन कर इंटरचेंज का अलाइनमेंट परिवर्तित करने की तैयारी है। जिस कारण पुराने अलाइनमेंट पर जमीन खरीद भी रोक दी गई है। अब यूपीडा द्वारा जारी किए जाने वाले नए अलाइनमेंट और उसके मुताबिक चिह्नित भूमि की सूचना की प्रतीक्षा की जा रही है।
मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा कर लिया गया है। अब इसके लोकार्पण की तैयारी है। क्षेत्रीय जनता की मांग पर गंगा एक्सप्रेसवे से हापुड़-किठौर मार्ग को जोड़ने का निर्णय लिया गया था।
यहां इंटरचेंज बनाया जाना है, जिसके लिए दो गांवों अटौला और साफियाबाद लौटी के किसानों से लगभग चार हेक्टेयर भूमि की सीधे खरीद शुरू की गई थी। अटौला गांव के 18 खसरों के किसानों ने जमीन देने से इनकार कर दिया था। उनका आरोप था कि उन्हें कम जमीन का पैसा देकर ज्यादा जमीन पर निर्माण किया जाएगा।
किसान नए सिरे से सीमांकन की मांग कर रहे थे। जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर यूपीडा ने दिसंबर महीने में लखनऊ कार्यालय से अधिकारियों की टीम को मेरठ किसानों से बातचीत के लिए भेजा था। उक्त टीम के सामने किसानों ने यूपीडा, जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग समेत कई विभागों की संयुक्त टीम से सीमांकन कराने की मांग की थी।
यूपीडा ने एक्सप्रेसवे की संचालनकर्ता एजेंसी आइआरबी इंफ्रा, निर्माणकर्ता एजेंसी एलएनटी, मैसर्स एल एन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट प्रा. लि. भोपाल और यूपीडा की परियोजना क्रियान्वयन इकाई के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर सीमांकन और उसी के मुताबिक अलाइनमेंट निर्धारित करने का आदेश दिया था। सीमांकन के बाद अब नए अलाइनमेंट और उसी के मुताबिक चिह्नित जमीन की खरीद के आदेश का इंतजार जिला प्रशासन कर रहा है।
डॉ. वीके सिंह, जिलाधिकारी
इंटरचेंज की जमीन खरीद पर किसानों को आपत्ति थी। उनकी मांग पर जमीन का नए सिरे से सीमांकन कराया जा रहा है। उसी के मुताबिक अलाइनमेंट और जमीन चिह्नित कर उसकी खरीद कराई जाएगी। इस संबंध में यूपीडा से आदेश का इंतजार किया जा रहा है। -डॉ. वीके सिंह, जिलाधिकारी