- हरिद्वार में पुलिस कस्टडी में किया था हमला, बहन बोली 750 करोड़ रुपये का राज दबा।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। एम्स ऋषिकेश में भर्ती कुख्यात विनय त्यागी की इलाज के दौरान आज सुबह मौत हो गई। ट्रॉमा सेंटर में उसका इलाज चल रहा था। एम्स प्रशासन ने शनिवार सुबह करीब 7 बजे विनय त्यागी को मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत की पुष्टि एम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. श्रीलाय मोहंती ने की है। सूचना मिलते ही हरिद्वार पुलिस एम्स पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम एम्स ऋषिकेश में ही किया जाएगा। इससे पहले विनय त्यागी की बेटी तन्वी भारद्वाज ने बताया था कि उनके पिता विनय त्यागी को पहले से ही जान का खतरा महसूस हो रहा था। इस संबंध में उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट और जेल प्रशासन को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की थी। इसके बावजूद कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई।
तन्वी के अनुसार, गोली उनके पिता की आंतों में लगी थी, जिससे काफी डैमेज हुआ था और उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि पिछले तीन दिनों से पुलिस प्रशासन उन्हें अपने पिता से ठीक से मिलने या बात करने नहीं दे रहा था। सिर्फ एक-दो बार दूर से देखने दिया गया था।
पुलिस की गाड़ी को घेर कर मारी थी गोलियां: तीन दिन पहले हरिद्वार में दिनदहाड़े फिल्मी स्टाइल में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई थी। बदमाशों ने मेरठ के अपराधी विनय त्यागी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, जिसमें उसे गोली लगी थी। क्रॉस फायरिंग में दो कॉन्स्टेबल घायल हुए थे। यह घटना तब हुई थी जब पुलिस विनय त्यागी को कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही थी। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी का पीछा किया और लक्सर फ्लाईओवर के पास जाम के दौरान अचानक गोलियां चला दी थी।
विनय त्यागी पर 58 से ज्यादा केस: कुख्यात विनय त्यागी का मेरठ से भी पुराना नाता रहा था। वह यहां कुछ समय किराए के मकान में रहा था। एक समय वह बदन सिंह बददो, भूपेंद्र बाफर, नीरज भाटी सरीके गैंग से जुड़ा रहा। मेरठ में विनय त्यागी का नाम सबसे पहले 2015 में उस वक्त सामने आया था, जब दो युवकों की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। इस मामले में विनय त्यागी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। विनय त्यागी पर हत्या, अपहरण, डकैती जैसे संगीन
वारदातों के करीब 58 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। मेरठ में थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में दर्ज एक मुकदमे में वो लंबे समय से वांछित चल रहा था। इस दौरान वह लंबे समय दुबई में रहा। चोरी छुपे वह भारत लौटा और दिल्ली में किराए का फ्लैट लेकर रहने लगा। मेरठ एसओजी को इसकी भनक लगी और जून-2024 में उसे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था।
एक दिन बाद बदमाशों को पकड़ा
पुलिस ने खानपुर थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर के जंगल, बिजनौर हाईवे से वारदात को अंजाम देने वाले दोनों बदमाशों को गिरफ्तार किया था। बाइक से फरार होने के बाद दोनों बदमाश बाइक को छोड़कर सिकंदरपुर गांव में छिप गए थे। पुलिस ने आरोपियों की पहचान मुख्य आरोपी 28 वर्षीय सन्नी यादव उर्फ शेरा और 24 वर्षीय अजय पुत्र कुंवर सैन दोनों निवासी काशीपुर, ऊधम सिंह नगर के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक दोनों हार्डकोर क्रिमिनल हैं, जिन पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
750 करोड़ की चोरी का राज दबा
हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की बहन सीमा त्यागी का बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि देहरादून से कुल 750 करोड़ की चोरी हुई। इसमें पैसा, ज्वैलरी और बेनामी प्रॉपर्टी के कागजात थे। ये माल ठेकेदार सुभाष त्यागी का था। उसने एऊ से बचने को देहरादून में डॉक्टर के यहां छिपाया था। विनय त्यागी को इस बात की जानकारी हुई। विनय और ठेकेदार की पुरानी रंजिश थी। इसलिए विनय ने पूरा माल चुराया और वो एऊ को सौंपने जा रहा था। रास्ते में ही देहरादून पुलिस ने विनय को पत्नी सहित दबोचा। सारा माल बरामद किया। अब विनय को पेशी पर ले जाते वक्त मारने की साजिश थी, ताकि वो एऊ या किसी और एजेंसी के सामने मुंह न खोल पाए। उत्तराखंड पुलिस इसमें शामिल है।
बदन सिंह बद्दो, नीरज भाटी से विनय का कनेक्शन
विनय त्यागी एक समय में बदन सिंह बद्दो और नीरज भाटी के गैंग से जुड़ा रहा। मेरठ में विनय त्यागी का नाम सबसे पहले 2015 में उस वक्त सामने आया था, जब दो युवकों की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। इस मामले में विनय त्यागी के खिलाफ ही हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। धीरे-धीरे विनय त्यागी पुलिस की फेहरिस्त में अपराध का एक बड़ा नाम बन गया। विनय त्यागी पर हत्या, अपहरण, डकैती के करीब 58 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी में दर्ज एक मुकदमे में वो लंबे समय से वांछित चल रहा था।
मेरठ में रहा विनय त्यागी
विनय त्यागी जागृति विहार में किराए के मकान में रहा। उससे जुड़े सोर्स कहते हैं कि वह वेस्ट यूपी में अपने नेटवर्क को फैलाने के लिए कुछ महीने दुबई में भी रहा। चोरी-छिपे वह भारत लौटा और दिल्ली में किराए का फ्लैट लेकर रहने लगा। मेरठ एसओजी को इसकी भनक लगी और जून 2024 में उसे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।

