– दर्जनों गांवों में घुसा पानी।
बिजनौर। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही तेज बारिश का असर मैदानी इलाकों में दिखाई देने लगा है। जिले से होकर गुजरने वाली आधा दर्जन से अधिक नदियां उफान पर हैं। नदी किनारे बसे दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मेरठ-पौड़ी हाईवे, चांदपुर-हस्तिनापुर मार्ग, नहटौर-धामपुर स्टेट हाईवे, बिजनौर-कोतवाली मार्ग और बिजनौर-मंडावर-हरिद्वार हाईवे को यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है। इसके चलते यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है और बस यात्रा का किराया भी बढ़ गया है।
मालन नदी का तटबंध टूटने से खादर क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव जलमग्न हो गए हैं। कई घरों में पानी भर गया, लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। कुछ ग्रामीण ट्रैक्टरों पर अपना सामान लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। हजारों बीघा फसल पानी में डूब गई है, जिससे पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है।
डीएम जसजीत कौर ने बताया कि जिले की सभी तहसीलें बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक करीब 500 परिवारों को राशन किट दी गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। जो लोग पानी में फंसे हैं, उन्हें दवाइयां, पीने का पानी और खाने का सामान पहुंचाया जा रहा है।
सीओ ट्रैफिक संग्राम सिंह ने बताया कि बारिश के कारण कई मार्गों पर जलभराव है। उन्होंने वाहन चालकों से रूट डायवर्जन का पालन करने और अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने की अपील की है।


