भगत सिंह मार्केट को फ्री होल्ड कराने की मांग को लेकर डीएम से मिले हापुड़ अड्डे के व्यापारी
मेरठ। हापुड़ अड्डा स्थित भगत सिंह मार्केट के दुकानदारों ने मंगलवार को अपनी दुकानों को फ्रीहोल्ड कराने और स्वामित्व अधिकार दिए जाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। दुकानदारों ने जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर संबंधित भूमि और दुकानों की कानूनी स्थिति की निष्पक्ष जांच कराने तथा नियमानुसार फ्रीहोल्ड की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
दुकानदारों के अनुसार, महानगर मेरठ के राजस्व ग्राम माफी जवाब की खसरा संख्या 4565, 4566 और 4567 की नजूल भूमि पर भगत सिंह मार्केट निर्मित है। इस मार्केट में लगभग 197 दुकानदार पिछले पांच से छह दशकों से किराएदार के रूप में कारोबार कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन दुकानों से ही उनके और उनके परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है।
लंबे समय से कारोबार कर रहे दुकानदारों ने उठाया स्वामित्व का मुद्दा
ज्ञापन में दुकानदारों ने कहा कि लंबे समय से किराएदारी के आधार पर व्यवसाय करने और लगातार आजीविका चलाने के बावजूद दुकानों के स्वामित्व एवं स्थायी अधिकारों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। उन्होंने संबंधित राजस्व और नजूल अभिलेखों की जांच कराकर भूमि की वास्तविक कानूनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
एमडीए की कार्रवाई को लेकर जताई चिंता
दुकानदारों ने ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन सिविल अवमानना याचिका संख्या 877/2025, लोकेश कुमार खुराना बनाम राजेंद्र कुमार बडजात्या, का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इस मामले में पारित अंतरिम आदेशों के अनुपालन में मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) द्वारा जोन-ए के आवासीय क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और निर्माणों के संबंध में सर्वेक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है।
दुकानदारों का कहना है कि ऐसी स्थिति में भगत सिंह मार्केट की भूमि और दुकानों की वास्तविक कानूनी स्थिति का निष्पक्ष अभिलेखीय परीक्षण किए बिना कोई प्रतिकूल कार्रवाई किए जाने से उनकी आजीविका प्रभावित हो सकती है।
शासनादेशों के तहत फ्रीहोल्ड की मांग
दुकानदारों ने मांग की कि संबंधित राजस्व एवं नजूल अभिलेखों, भूमि की कानूनी स्थिति, दीर्घकालीन किराएदारी तथा नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के स्वामित्व एवं प्रबंधन से जुड़े रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
उन्होंने प्रचलित शासनादेशों और लागू कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत पात्र दुकानदारों की दुकानों को फ्रीहोल्ड करने तथा स्वामित्व अधिकार प्रदान करने के लिए सक्षम शासन स्तर से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।
ज्ञापन में दुकानदारों ने अपने पूर्व में दिए गए प्रार्थना-पत्र पर हुई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने और पूरे मामले में शीघ्र, निष्पक्ष एवं विधिसम्मत निर्णय लेने का अनुरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो वे उपलब्ध कानूनी विकल्प अपनाने के लिए विवश होंगे।
फिलहाल, दुकानदारों की प्रमुख मांग मार्केट की भूमि की कानूनी स्थिति स्पष्ट करने और नियमानुसार फ्रीहोल्ड प्रक्रिया पर निर्णय लेने की है।