– सरकार पर लगाया ऐतिहासिक धरोहरों को नष्ट करने और पर्यावरण से खिलवाड़ का आरोप।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। चौधरी नितिन बालियान राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन (आजाद) के नेतृत्व में किसानों ने अरावली की पहाड़ियों को बचाने के लिए विशाल ‘मशाल यात्रा’ निकाली। यह यात्रा कमिश्नरी पार्क से शुरू होकर बाबा साहब अम्बेडकर की प्रतिमा पर जाकर संपन्न हुई। जिसमें युवाओं और किसानों ने हाथों में जलती हुई मशालें लेकर सरकार और खनन माफियाओं के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन (आजाद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नितिन बालियान ने कहा, अरावली की पहाड़ियां सिर्फ पत्थर के ढेर नहीं हैं, बल्कि यह उत्तर भारत का रक्षा कवच और हमारे फेफड़े हैं। पूंजीपतियों और खनन माफियाओं के लालच में इन पहाड़ियों को खत्म किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के पास न शुद्ध हवा बचेगी और न पानी।
भाकियू आजाद के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर शादाब चौधरी ने कहा कि अरावली के संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए और अवैध खनन पर तुरंत रोक नहीं लगी, तो संगठन पूरे उत्तर प्रदेश और देश स्तर पर एक बडा चक्का जाम आंदोलन शुरू करेगा। मशाल यात्रा के मुख्य बिंदु है कि अरावली क्षेत्र में बढ़ते अवैध खनन पर तुरंत पूर्ण प्रतिबंध लगे। वहीं, पर्यावरण की रक्षा के लिए इसे ‘नो माइनिंग जोन’ घोषित किया जाए। सरकार विकास के नाम पर विनाश करना बंद करे।
इस दौरान जीतू नागपाल, शुभम गढ़ी , जाकिर,अंशु चौधरी, प्रणव अहलावत, हनीफ राणा,दिलशाद, शालू शर्मा, शालिनी मसीह, रेखा चौधरी, रूही शर्मा, अंकुश बालियान, पवन पांडे, पवनीश यादव, उमाशंकर खटीक, हिमांशु चौधरी, शहजाद, करार हुसैन, रिहान मलिक,राशिद कैली आदि मौजूद रहे।

