– चार हजार के सिक्के बाजार में चलाने पर मिलते थे 400 रुपए, मास्टरमाइंड की तलाश
सहारनपुर। पीएनबी की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ 29 लाख रुपए के नकली नोट मिलने के मामले की एनआईए जांच के बीच सहारनपुर में नकली मुद्रा से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। इस बार पुलिस ने नकली नोट नहीं, बल्कि नकली सिक्कों की बड़ी खेप पकड़ी है।
नगर कोतवाली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने 20 रुपए के नकली सिक्कों के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार बरामद नकली सिक्कों की कुल कीमत करीब एक लाख 20 हजार रुपए है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब उस व्यक्ति तक पहुंचने में जुटी है, जो नकली सिक्कों की सप्लाई के इस नेटवर्क को चला रहा है।
नगर कोतवाल राजीव कौशिक के अनुसार, पुलिस टीम ने आवास विकास कॉलोनी निवासी कुलदीप और विपिन को नकली 20 रुपए के सिक्कों के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली सिक्के उन्हें कहां से मिले और इन्हें सहारनपुर में किन लोगों के माध्यम से बाजार में चलाया जा रहा था।
पुलिस पूछताछ में नकली सिक्कों को बाजार में खपाने के तरीके को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। आरोपी कुलदीप ने पुलिस को बताया कि उसे चार हजार रुपये के नकली सिक्के दुकानों पर चलाने के बदले 400 रुपए कमीशन दिया जाता था। यानी नकली सिक्कों को बाजार में चलाने के लिए अलग से लोगों को जोड़ा गया था।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इसी तरीके से कितने अन्य लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया है और कितने सिक्के बाजार में पहुंचाए जा चुके हैं। सिटी कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव कौशिक का कहना है कि मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है और उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
मास्टरमाइंड तक पहुंचने में जुटी पुलिस
दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस उस मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है, जिसके बारे में माना जा रहा है कि वह नकली सिक्कों की सप्लाई से जुड़ा है। पुलिस टीम गिरफ्तार आरोपियों को साथ लेकर संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिक्के कहां बने, किसने पहुंचाए?
करीब 1.20 लाख रुपए के नकली सिक्के मिलने के बाद पुलिस के सामने कई सवाल हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन सिक्कों को तैयार कहां किया गया। इसके बाद इन्हें सहारनपुर तक किसने पहुंचाया और यहां किन लोगों को सप्लाई दी गई। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नकली सिक्कों को बाजार में चलाने के लिए दुकानदारों या अन्य लोगों को किस तरह जोड़ा गया था। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी इस नेटवर्क में किस स्तर पर काम कर रहे थे। क्या वे सिर्फ नकली सिक्के बाजार में चलाने का काम करते थे या सप्लाई की प्रक्रिया में भी उनकी कोई भूमिका थी। पुलिस पूछताछ के आधार पर नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।