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Friday, January 9, 2026
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नीट यूजी की परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पढ़िए पूरी खबर

NEET रिजल्ट के बाद दाखिल की गई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 छात्रों का री-एग्जाम कराया जाएगा. वहीं, सुप्रीम कोर्ट की तरफ से काउंसलिंग पर रोक लगाने ने मना कर दिया है. जिन कैंडिडेट्स को नीट यूजी 2024 की परीक्षा में ग्रेस मार्क्स मिले हैं उनका री-एग्जाम 23 जून को होगा. NTA की तरफ से कहा गया कि छात्रों का डर दूर करने के लिए यह निर्णय लिया जा रहा है.

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नई दिल्ली: NEET UG की परीक्षा और इसके परिणाम को लेकर सरकार ने कहा कि 1,563 अभ्यर्थियों को ग्रेस मार्क देने का NTA का फैसला वापस ले लिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि छात्रों को डरने की जरूरत नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा, ”काउंसलिंग होती रहेगी और हम इस पर रोक नहीं लगा रहे हैं। परीक्षा होती है तो सब कुछ समग्रता से होता है। ऐसे में डरने की कोई बात नहीं है।” कोर्ट ने कहा कि पूरी तरह से एग्जाम को रद्द कर देना अभी उचित तरीका नहीं है।

 

 

किसने क्या दलील दी?

केंद्र सरकार के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि शिक्षा मंत्रालय की गठित की गई चार सदस्यीय कमेटी ने 1500 से ज्यादा बच्चों के फिर से पेपर कराने का सुझाव दिया है। ये लोग फिर से पेपर नहीं देते हैं तो ग्रेस नंबर हटाने के बारे में सोचा जा सकता है।

सरकार ने कोर्ट में कहा कि जिन 1,563 छात्रों को ग्रेस नंबर दिए गए थे, उन्हें 23 जून को परीक्षा देने का विकल्प दिया जाएगा। इसका परिणाम 30 जून को आएगा। एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग छह जुलाई को शुरू होगी।

ऐसे में 30 जून के बाद नई रैंकिंग सामने आएगी। 1563 बच्चों के सामने विकल्प है कि वो या तो पेपर दे या फिर 4 ग्रेस नंबर को छोड़कर नई रैंकिंग स्वीकार करें। इसका मतलब ये भी हो जाएगा कि आज की तारीख में जो रैंक है वो व्यर्थ हो जाएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि नई रैंक तो 30 जून के बाद जारी होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी दलील सुनने के बाद कहा कि परीक्षा में धांधली के आरोपों के मद्देनजर इसे रद्द करने के अनुरोध वाली याचिका समेत सभी अर्जियों को आठ जुलाई को सुनवाई के लिए लिया जाएगा।

याचिका में क्या कहा गया?

फीजिक्स वाला के सीईओ अलख पांडे ने एनटीए) के 1,500 से अधिक उम्मीदवारों को कथित तौर पर मनमाने तरीके से ग्रेस नंबर दिए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट में अब्दुल्ला मोहम्मद फैज और जे. कार्तिक ने भी याचिका दायर की है।

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि वह नीट-यूजी 2024 की परीक्षा प्रक्रिया और नतीजों की जांच के लिए अपनी निगरानी में विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित करे।

सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले को लेकर मंगलवार (11 जून, 2024) को केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जवाब मांगा था। वहीं, विवाद के बीच एनटीए ने जवाब दिया।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह ने हाल ही में कहा था, ”720 में से 720 अंक पाने वाले 67 उम्मीदवारों में से 44 उम्मीदवारों को फिजिक्स की उत्तर कुंजी में संशोधन के कारण और छह को समय की हानि के कारण नंबर दिए गए।”

छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में धांधली हुई है. ऐसे में काउंसलिंग पर रोक लगाई जाए और पेपर फिर से होने चाहिए। नीट यूजी-2024 रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों ने आरोप लगाया है कि इसमें गड़बड़ी हुई है। पहली बार ऐसा हुआ है, जब 67 छात्र टॉपर हैं।

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