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Friday, January 9, 2026
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HomeAccident NewsLucknow: लोकबंधु अस्पताल में हादसा, अंधेरे से भयावह हुए हालात

Lucknow: लोकबंधु अस्पताल में हादसा, अंधेरे से भयावह हुए हालात

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– ताबड़तोड़ धमाकों से दहला था अस्पताल, अपने मरीजों को लेकर सड़क आए तीमारदार


लखनऊ। लोकबंधु अस्पताल में सोमवार रात 9:30 बजे भीषण आग लग गई। आग की शुरूआत दूसरे तल से हुई। आग ने सबसे पहले आईसीयू और फीमेल मेडिसिन वार्ड को जद में लिया।

आईसीयू वार्ड में तब करीब 25 मरीज भर्ती थे। 30 के आसपास मरीज फीमेल मेडिसिन वार्ड में थे। इससे पहले कि मरीज और तीमारदार कुछ समझ पाते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें देख वार्ड में चीख पुकार के साथ भगदड़ मच गई। डॉक्टर, स्टाफ, तीमारदारों और दमकलकर्मियों ने मरीजों को निकालने में जान झोंक दी। फिलहाल अब तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हो सकी है।

 

 

अस्पताल कर्मचारियों ने सीएमएस व अन्य अधिकारियों को आग की सूचना दी। इसके बाद फायर ब्रिगेड लो बुलाया गया। फायर ब्रिगेड के पहुंचते आग अन्य वार्डों में भी फैल गई। हर तरफ चीख पुकार मच गई। डॉक्टर, नर्स, अस्पताल कर्मी व तीमारदारों जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। आईसीयू और फीमेल वार्ड से पहले मरीजों को निकाला गया। इसके बाद अन्य मरीज निकाले गए। अस्पताल में फंसे करीब 250 से अधिक मरीजों को किसी तरह निकाला गया। देखते ही देखते आग पूरे परिसर में फैल गई। देर रात तक रेस्क्यू जारी रहा।

 

 

हर तरफ धुंआ, फिर छा गया अंधेरा

आग की लपटें इतनी तेज थी कि चारों तरफ धुआं भर गया। अस्पताल के कर्मचारियों ने परिसर की बिजली कटवा दी। इससे हर तरफ अंधेरा फैल गया। इसकी वजह से अंधेरे में लोगों को मरीजों को बाहर निकालने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। हर तरफ चीख पुकार मची थी।

काट दी गई बिजली, पुलिस जुटी राहत कार्य में

लोकबंधु अस्पताल में लगी आग से हालात तब और अधिक भयावह हो गए जब वहां कर्मचारियों ने बिजली काट दी। पूरे अस्पताल में भरे धुएं और अंधेरे के कारण लोगों को दिखना बंद हो गया। उन्हें सांस लेने में समस्या होने लगी। चीख पुकार मच गई। दमकल कर्मी भी आग पर काबू पाने की कोशिश करने लगे। पुलिस भी राहत कार्य में जुट गई।

एक के बाद एक ताबड़तोड़ धमाके होने लगे। इससे वहां फंसे लोग और घबरा हो गए। हालात बिगड़ता देख दमकल कर्मी दो टीमों में बंट गए। पहली टीम हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म के जरिये अस्पताल के दूसरे तल पर पहुंची। दूसरी टीम खिड़कियों में लगे कांच तोड़ने लगी। इस बीच दमकल को भी सांस लेने में समस्या होने लगी। आनन-फानन टीम ने वीआर सेट पहना और स्मोक एग्जास्ट के जरिए धुएं को बाहर निकाला।

बच्चों को पीछे छूटा देख बिलख पड़ी महिलाएं

अपने बच्चों को अस्पताल में छूटता देख महिलाएं घबरा गईं। पुलिस कर्मियों ने उन्हें अस्पताल में वापस जाने से रोका। चिंता और भय के कारण वे रो पड़ीं। पुलिस ने कुछ बच्चों को खोज निकाला। अन्य की तलाश में टीमें जुटी रहीं।

आॅक्सीजन प्लांट के फटने का सताया डर, गांव वाले भागे

अस्पताल से सटे परिगवां गांव के लोग भी घबरा गए। वे भी अपने परिवार के साथ घरों से भाग निकले। उनमें अस्पताल मेंं लगे आॅक्सीजन प्लांट फटने का डर सताने लगा। सभी सड़क पर जुट गए।

शिफ्टिंग के बावजूद मरीजों को मिलेगा निशुल्क इलाज

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि सभी मरीजों को सकुशल दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट कराया गया। उन्होंने बताया कि शिफ्ट कराए गए सभी मरीजों को लोकबंधु की तरह मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाएगा। आग की वजह से पूरा अस्पताल खाली करा लिया गया है।

शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चला है। अधिकारियों ने शॉर्ट सर्किट से घटना होने की आशंका जताई है। फिलहाल मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी।

सुरक्षित निकाले गए नवजात

हादसे के कारण अस्पताल में जन्मे नवजात भी फंस गए। अस्पताल कर्मचारियों ने सबसे पहले नवजातों को बाहर निकाला। नहीं तो और दुखद घटना हो सकती थी। अपने लख्ते जिगर को सुरक्षित देख महिला मरीजों की जान में जान आई।

ग्लूकोज की बॉटल लिए मरीजों के पास खड़े रहे तीमारदार

अस्पताल के बाहर काफी देर तक तीमादार अपने-अपने मरीजों के साथ ग्लूकोज की बॉटल लिए खड़े। वहीं, कुछ स्ट्रेचर पर जमीन पर ही लेट गए। सभी के चेहरों पर हवाइयां उड़ी हुई थीं।

 

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