सीसीटीवी में कैद हुई चहलकदमी, अजबैयां में बाउंड्री से घर में कूदा
प्रयागराज। गंगापार में तेंदुए का खौफ कम नहीं हो रहा है। पिछले 15 दिनों से करीब 22 गांवों के लोग दहशत में हैं। बुधवार रात तेंदुआ झूंसी स्थित हरिश्चंद्र रिसर्च इंस्टीट्यूट परिसर में घूमता दिखाई दिया। आधी रात परिसर में उसकी चहलकदमी सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।
हालांकि, वह परिसर से कब और किस रास्ते बाहर निकला, इसका पता नहीं चल सका है। इसके बाद परिसर की इमारत के अलावा अन्य स्थानों पर लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। तेंदुआ अब तक कई गांवों में मवेशियों पर हमला कर चुका है। वन विभाग एक गांव में पिंजरा लगाता है, तो तेंदुआ कई किलोमीटर दूर दूसरे गांव में दिखाई देने लगता है। इससे ग्रामीणों में डर बढ़ता जा रहा है।
बुधवार रात रिसर्च सेंटर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुए की गतिविधियां रिकॉर्ड हुईं। फुटेज में वह परिसर में घूमता नजर आया, लेकिन बाहर निकलने की तस्वीरें सामने नहीं आईं। ऐसे में उसकी मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ गई है। सुरक्षा के मद्देनजर परिसर की बिल्डिंग के अलावा अन्य स्थानों पर लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई है।
सरायइनायत थाना क्षेत्र के अजबैयां गांव में मंगलवार रात तेंदुआ बाउंड्री कूदकर बेला सिंह के मकान में घुस गया। उसे देखकर लोगों ने शोर मचाया तो वह झाड़ियों की ओर भाग निकला। इसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण पूरी रात जागते रहे।
सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर तलाश की, लेकिन तेंदुआ नहीं मिला। रेंजर लक्ष्मीकांत दुबे और डिप्टी रेंजर सत्येंद्र चौधरी टीम के साथ आधी रात तक निगरानी करते रहे।
कोटवा में पोल्ट्री फार्म और आंगनबाड़ी केंद्र के पास दिखा
अजबैयां से पहले कोटवा गांव में भी तेंदुआ दिखाई दिया था। गांव के रज्जू ने राजकुमार सिंह के पोल्ट्री फार्म के पास उसे देखा। शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से भाग गया। इसके बाद ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। कुछ समय बाद कोटवा के प्राथमिक विद्यालय परिसर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के गलियारे में भी तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिली। इससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
22 गांवों में दहशत, बच्चों को अकेले बाहर भेजना बंद
गंगापार के ऊष्मापुर, रसूलपुर, तेलियातारा, हरिहरपुर, गढ़वा, राका, दुलापुर, बाहरपुर और दुमदुमा समेत कई गांवों में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिली है। हनुमानगंज, सुदनीपुर, कतवारूपुर, मई कली, छिबैया, दुवार्सा, लीलापुर, सुदनी कला, कोटवा, जमुनीपुर, पिपारे और ककरा के ग्रामीण भी दहशत में हैं।