11 दिन पहले मिली थी जान से मारने की धमकी, शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
देवरिया। लार थाना क्षेत्र के रक्सा गांव में सड़क पर ब्रेकर बनाने को लेकर हुए विवाद में आरएसएस स्वयंसेवक रामेश्वर तिवारी (50) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना 1 अक्टूबर की है। गंभीर हालत में उन्हें सीएचसी लार से जिला अस्पताल देवरिया रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि रामेश्वर को 19 सितंबर को जान से मारने की धमकी मिली थी। उन्होंने 20 सितंबर को लार पुलिस से शिकायत कर सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
रामेश्वर खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों के अनुसार, वह 10 साल से अधिक समय से आरएसएस से जुड़े थे। रक्सा गांव में सड़क पर ब्रेकर बनाने को लेकर उनका पट्टीदारों से विवाद हुआ था। विवाद के दौरान मारपीट में रामेश्वर गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें सीएचसी लार लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने जिला चिकित्सालय देवरिया रेफर कर दिया, जहां उनकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, रामेश्वर को 19 सितंबर को जान से मारने की धमकी दी गई थी। अगले दिन 20 सितंबर को उन्होंने लार पुलिस को शिकायत देकर सुरक्षा की मांग की थी। परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद एक अक्टूबर को विवाद हुआ और मारपीट में रामेश्वर की जान चली गई।
रामेश्वर की हत्या के बाद परिजनों ने उनके पिता और ट्रैक्टर चालक की पुरानी हत्याओं का भी जिक्र किया है। उनके अनुसार, रामेश्वर के पिता श्याम नारायण तिवारी की वर्ष 1989 में हत्या हुई थी। इस मामले में परिजन पड़ोसियों पर आरोप लगाते रहे हैं।
वर्ष 2019 में रामेश्वर के ट्रैक्टर चालक की भी हत्या हुई थी। इस घटना में भी परिजनों ने पड़ोसियों पर आरोप लगाया था। हालांकि, इन दोनों पुरानी घटनाओं का वर्तमान हत्या से कोई संबंध है या नहीं, यह पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
रामेश्वर की मौत की जानकारी के बाद पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने गुरुवार रात घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर घटना की जानकारी ली और घटनास्थल का बारीकी से जायजा लिया। एसपी ने परिजनों से भी बातचीत कर विवाद और घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को जांच में तेजी लाने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी घर छोड़कर फरार हैं। उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। हमलावरों की पहचान और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस पुरानी शिकायत और वर्तमान घटना के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर रही है।