पुलिस खंगाल रही सोर्स और खरीदार, बिलों से जुड़ रही सप्लाई चेन
बांदा। बिसंडा इलाके में कोडीन वाले कफ सिरप की 30 हजार बोतलों की खेप पकड़े जाने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। अब पुलिस मुख्य रूप से यह पता लगा रही है कि यह सिरप कहां से आया, इसे किसने खरीदा और आगे किसे भेजा जाना था। 3 सितंबर को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास पकड़ी गई इस खेप की कीमत करीब 60.45 लाख रुपये है। इस मामले में अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
पुलिस और औषधि विभाग बरामद सिरप से जुड़े बिल, फर्म और खरीद-बिक्री के दस्तावेज खंगाल रहे हैं। जांच में हमीरपुर की ओम मेडिकल एजेंसी टेड़ा से जुड़े बिल भी मिले हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर पुलिस यह पता लगा रही है कि निमार्ता कंपनी से माल निकलने के बाद यह किन-किन फर्मों के जरिए आगे पहुंचा।
साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि 30 हजार बोतलों का असली खरीदार कौन था और इस खेप की डिलीवरी किसे होनी थी। जांच एजेंसियां दिल्ली की एक फर्म समेत दूसरे जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।
पुलिस यह भी पता कर रही है कि इसी नेटवर्क के जरिए पहले कोडीन वाले सिरप की और खेपें तो नहीं भेजी गईं। कोल्ड स्टोरेज में माल के लेबल बदलने से जुड़े पहलू की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
आरोपियों के पास से मिले करीब पांच मोबाइल फोन की सीडीआर और दूसरी तकनीकी जानकारी की जांच हो रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपी किन लोगों से लगातार संपर्क में थे और खेप की खरीद-बिक्री के लिए किससे बात हुई थी। इससे सप्लाई चेन से जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंचने की कोशिश हो रही है।
इस मामले में तीन मेडिकल एजेंसियों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। औषधि विभाग संबंधित फर्मों के स्टॉक, खरीद और बिक्री के रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
औषधि विभाग ने भी मेडिकल एजेंसियों और दवा कारोबारियों के रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। तीन मेडिकल एजेंसियों के लाइसेंस पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं। अब संबंधित फर्मों के स्टॉक, खरीद-बिक्री और कोडीनयुक्त सिरप के रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने कहा कि आरोपियों की तलाश के साथ ही पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। जल्द ही पूरी सिंडिकेट को ट्रैस कर कार्रवाई की जाएगी।