छह दिन तक चला इलाज, हालत बिगड़ने पर दूसरे अस्पताल में कराया था भर्ती; मौत के बाद परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप।
मेरठ। टीपीनगर थाना क्षेत्र के बागपत रोड स्थित सिरोही हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद एक बार फिर हंगामा खड़ा हो गया। कुछ दिन पहले उपचार के दौरान मरीज को एक्सपायरी इंजेक्शन लगाए जाने का आरोप लगने के बाद अब उसी मरीज हारून की शुक्रवार देर रात मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए और उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को संभाला।
जानकारी के अनुसार जानी थाना क्षेत्र के सिसौला गांव निवासी हारून पुत्र अली हसन को करीब छह दिन पहले डेंगू और बुखार की शिकायत के चलते बागपत रोड स्थित सिरोही हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए एक्सपायरी इंजेक्शन लगाए जाने का आरोप लगाया था। मामला बढ़ने पर टीपीनगर पुलिस मौके पर पहुंची थी और अस्पताल प्रबंधन व परिजनों से बातचीत कर विवाद शांत कराया था।
उस समय अस्पताल प्रबंधन की ओर से उपचार के दौरान बना पूरा बिल माफ करने और परिजनों द्वारा जमा कराई गई रकम वापस करने की बात कही गई थी। इसके बाद हारून को बेहतर उपचार के लिए परिजन दूसरे अस्पताल लेकर चले गए थे।
शुक्रवार देर रात दूसरे अस्पताल में उपचार के दौरान हारून ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजन दोबारा सिरोही हॉस्पिटल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही बरतने के साथ ही एक्सपायरी इंजेक्शन लगाए जाने के आरोप लगाए। हंगामे की सूचना पर 112 पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया।
परिजनों का कहना है कि सिरोही हॉस्पिटल में उपचार के दौरान हारून की हालत बिगड़ी थी। उनका आरोप है कि यदि समय रहते उचित उपचार मिलता तो उसकी जान बच सकती थी। हालांकि मरीज की मौत का वास्तविक कारण क्या रहा, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस के अनुसार मामले में दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है। परिजनों की ओर से शिकायत मिलने पर आरोपों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।