बहसूमा-ठाकुरद्वारा हाईवे पर तीन फीट पानी भरा, पुलिस चौकी भी हुई बंद
बिजनौर। चांदपुर तहसील क्षेत्र के खादर में गंगा नदी तीन दिनों से उफान पर है। जलस्तर बढ़ने से बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर करीब तीन फीट पानी बह रहा है। पानी की तेज धार के चलते इस मार्ग पर आवागमन बंद करना पड़ा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर से खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
बाढ़ का पानी रायपुर खादर और मीरापुर सीकरी गांवों तक पहुंच गया है। वहीं दत्तियाना, जलालपुर, नारनौर, जमालुद्दीनपुर, सियाली और खदन समेत कई गांवों के मुख्य मार्ग भी पानी में डूब गए हैं। इससे इन गांवों का सीधा संपर्क प्रभावित हुआ है और ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
गंगा के तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। पांडव नगर पुलिस चौकी को भी बंद कर दिया गया है। वहीं खेतों में पानी भरने से किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है।
खादर क्षेत्र में इस बार गंगा का जलस्तर तीसरी बार बढ़ा है। इससे पहले पानी कम होने पर ग्रामीणों को कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब दोबारा जलस्तर बढ़ने से हालात बिगड़ने लगे हैं। बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर भी तीसरी बार आवागमन बंद करना पड़ा है।
गंगा का पानी कई गांवों के मुख्य रास्तों तक पहुंच गया है। रायपुर खादर और मीरापुर सीकरी में बाढ़ का पानी भरने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। दत्तियाना, जलालपुर, नारनौर, जमालुद्दीनपुर, सियाली और खदन समेत अन्य गांवों के लोगों को भी आवागमन में दिक्कत हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई जरूरी कामों के लिए उन्हें पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो गांवों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंचने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान की आशंका है। किसानों का कहना है कि लंबे समय तक पानी भरा रहा तो खरीफ की फसलों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
गंगा के तेज बहाव को देखते हुए पांडव नगर पुलिस चौकी को बंद कर दिया गया है। प्रशासन की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और संवेदनशील मार्गों पर लगातार नजर रख रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की है।
ग्रामीणों की नजर अब गंगा के जलस्तर पर टिकी है। लगातार बढ़ता पानी खादर क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ा रहा है।