कई मकानों में 6 फीट तक पानी
प्रयागराज। सोमवार को 90 मिमी बारिश हुई। रविवार रात 1 बजे से शुरू हुई बारिश सोमवार दोपहर तक जारी रही। इससे 5 हजार से ज्यादा घरों में 4 फीट तक पानी भर गया। निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों को ऊपरी मंजिलों या छतों पर जाना पड़ा। घरों में रखे फ्रिज, सोफा, बेड और दूसरे सामान पानी में डूब गए।
शहर के करेली इलाके में खड़ी कारें और बाइकें पानी में डूब गईं। अकेले करेली में करीब 200 कारें पानी में डूब गईं, जिन्हें शाम तक ठेलकर या टू-चेन की मदद से गैराज पहुंचाया गया। इसके अलावा एक हजार से ज्यादा बाइक और स्कूटी भी पानी में डूब गईं, जिससे वे चलने लायक नहीं बचीं।
मुंडेरा की उषा देवी ने बताया कि घर में पानी ही पानी नजर आ रहा है। घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं। पानी भरने से खाना-पीना तक मुश्किल हो गया है। क्या खाएं, कहां जाएं, कुछ समझ नहीं आ रहा।
मुंडेरा में बच्चों ने हाथों में मोदी-योगी की तस्वीरें लेकर जलभराव की समस्या दूर कराने की मांग की। एक बच्चे ने कहा कि हम स्कूल नहीं जा पाए। वॉशरूम पानी में डूबे हैं और सीवर ओवरफ्लो कर रहा है।
करेली के सोलह मार्केट, बी ब्लॉक, गौस नगर, शम्स नगर, जेके नगर, गड्ढा कॉलोनी, इस्लाम नगर, नैनी के चकदौदी, चक फैजुल्ला, पंजाबी हाता, जमुनानगर, टैगोर टाउन और सिविल लाइंस समेत कई इलाकों में भी हालात खराब है।
बारिश के साथ बड़े नालों का गंदा पानी भी घरों तक पहुंच गया है। लोगों को जलभराव के बीच परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह हालात तब हैं, जब महाकुंभ के दौरान प्रयागराज को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए करीब 7,500 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।
मुडेरा के राहुल यादव ने कहा कि इलाके से गई ड्रेनेज लाइन को आगे मेन सीवर लाइन से जोड़ा ही नहीं गया। अगर समय रहते कनेक्शन कर दिया गया होता तो आज इतना गंभीर जलभराव नहीं होता। उन्होंने नगर निगम कर्मचारियों और सीवर काम करने वाले ठेकेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
कहा कि करीब छह महीने पहले स्पीड पोस्ट के जरिए पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, मेयर गणेश केसरवानी और पार्षद शिव कुमार को समस्या बताई गई, लेकिन अब तक आश्वासन के अलावा जमीन पर कोई काम नहीं हुआ।